*किसानों की हुंकार: C2+50% MSP गारंटी दो*
*भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करो*
*अनाज मंडी से SDM कार्यालय तक निकलेगी आक्रोश महारैली*
*‘भाषण स्वदेशी नीति–विदेशी नहीं चलेगी’ के नारे से गूंजेगा मनावर*
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।।राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ एवं देश बचाओ मोर्चा निमाड़ प्रांत के आह्वान पर किसान-मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर 7 सितंबर, सोमवार को मनावर में आक्रोश महारैली आयोजित की जाएगी। सुबह 11 बजे अनाज मंडी प्रांगण में महासभा होगी। इसके बाद किसानों की महारैली अनाज मंडी से एसडीएम कार्यालय तक पहुंचेगी, जहां विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। महासंघ के मुख्य प्रवक्ता गोपाल पाटीदार खरगोन, मालवा-निमाड़ प्रांत अध्यक्ष रामेश्वर गुर्जर महेश्वर तथा उपाध्यक्ष कैलाश पाटीदार खरगोन मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। महासंघ ने किसानों से वर्ष में केवल एक दिन चार घंटे किसान शक्ति प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी समस्याओं और मांगों की आवाज बुलंद करने की अपील की है।संगठन का कहना है कि वह किसानों की आवाज गांव की चौपाल से लेकर दिल्ली तक उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा।
*विदेशी कृषि उत्पादों की आवक से किसानों को नुकसान की आशंका जताई*
महासंघ ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (ट्रेड डील) का विरोध करते हुए कहा कि यदि बिना टैक्स कपास, मक्का, सोयाबीन, दुग्ध उत्पाद और फल जैसे कृषि उत्पाद विदेशों से भारत में आते हैं तो इससे देश के किसानों और कृषि आधारित व्यापार-व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसी के विरोध में महारैली में "स्वदेशी नीति—विदेशी नहीं चलेगी" का नारा दिया जाएगा।
संगठन ने बताया कि महासंघ के कार्यकर्ता बिजली, खाद, बैंक, राजस्व, मंडी, कपास, मक्का, सोयाबीन और सहकारी खरीदी सहित किसानों की समस्याओं को लेकर समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं।
*केंद्र सरकार से ये प्रमुख मांगें*
महासंघ ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2+50% के आधार पर MSP लागू करने, भारत-अमेरिका ट्रेड डील नहीं करने, किसानों को संपूर्ण ऋणमुक्त करने, CCI द्वारा कपास खरीदी जल्द शुरू करने और रेशे के आधार पर कपास खरीदी करने की मांग की है।
इसके अलावा कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण नहीं करने तथा अत्यावश्यक स्थिति में बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा देने, किसान सम्मान निधि बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा जनप्रतिनिधियों एवं शीर्ष संवैधानिक पदों के वेतन को समाप्त करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं।
*राज्य सरकार से किसानों की प्रमुख मांगें*
संगठन ने प्रत्येक तहसील स्तर पर नकली खाद एवं कीटनाशकों की जांच के लिए प्रयोगशाला खोलने, MSP गारंटी के साथ संपूर्ण कृषि उपज की सहकारी खरीदी करने, हाईटेंशन बिजली लाइन के प्रत्येक टॉवर से प्रभावित किसानों को 8 से 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
इसके साथ ही अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की शेष 75 प्रतिशत मुआवजा राशि तत्काल खातों में जमा करने, ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में वृद्धि करने, सिंचाई के लिए 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने तथा विद्युत पंप तक 440 वोल्ट करंट पहुंचाने की मांग रखी गई है।
बैंकों द्वारा डिफाल्टर किसानों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई, भूमि कुर्की और मनमानी वसूली पर रोक लगाने, गौमाता के दूध का मूल्य 200 रुपए प्रति लीटर करने, खेतों के कुओं पर लगाए गए स्मार्ट मीटर एवं तीन फेस कनेक्शन की व्यवस्था निरस्त करने तथा ओंकारेश्वर नहर चतुर्थ चरण में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी।
*नहर में पानी छोड़ने की मांग भी उठेगी*
महासंघ ने कहा कि ओंकारेश्वर नहर चतुर्थ चरण का कार्य वर्ष 2014 में शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाया है। संगठन ने कुक्षी तहसील क्षेत्र में कम बारिश का हवाला देते हुए नहर में जल्द पानी छोड़ने की मांग की है।
*किसानों से वाहनों के साथ पहुंचने की अपील*
निमाड़ प्रांत अध्यक्ष जगदीश यादव, महामंत्री रामदास मुकाती, उपाध्यक्ष रमेश पटेल, मालवा-निमाड़ प्रांत मीडिया प्रभारी वल्लभ पटेल तथा जिला कार्यकारिणी मनावर जिलाध्यक्ष रामेश्वर हवेलीवाला ने किसान-मजदूरों से अपने-अपने दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों से महारैली में शामिल होने की अपील की है। किसानों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर किसान शक्ति का प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
