*सत्तेश्वर औरैया स्थित 'शिव संदेश भवन' में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव।*
*शिक्षक दिवस पर याद किए गए सर्वपल्ली राधाकृष्णन*
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*प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय निकट तिलक स्टेडियम, औरैया स्थित मुख्य सेवा केंद्र 'शिव संदेश भवन' के विशाल हाल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। इस शुभ अवसर पर पूरे परिसर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राज्य मंत्री माननीय श्री लाखन सिंह राजपूत, श्री सुनील कुमार मिश्रा प्रधानाचार्य नगर पालिका इंटर कॉलेज औरैया एवं बी के भाई-बहनों द्वारा दीप प्रज्वलन कर और निराकार शिव बाबा को याद कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र की राजयोग शिक्षिका बी के चित्रा बहिन ने शिक्षक दिवस पर विशेष प्रकाश डालते हुए शिव संदेश भवन बनाए जाने का उद्देश्य बताया और कहा कि परम शिक्षक परमात्मा शिव ही हैं।
जिनके ज्ञान को धारण कर मनुष्य नर से नारायण जैसा बन सकता है। बी के ऊषा बहिन ने कहा, कि श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र ही 'सर्वगुण संपन्न, सोलह कला संपूर्ण, संपूर्ण निर्विकारी और मर्यादा पुरुषोत्तम' था।
आज के समाज में व्याप्त विकारों को दूर करने के लिए हमें उनके इस पावन चरित्र को अपने जीवन में धारण करना होगा। समारोह के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
राजयोग शिक्षिका बी के संजू बहिन ने बताया कि कैसे हम वर्तमान समय में नियमित राजयोग मेडिटेशन और ईश्वरीय ज्ञान के अभ्यास द्वारा अपने मन को शांत रख सकते हैं और समाज में सुख-शांति का वातावरण तैयार कर सकते हैं। राजयोग केंद्र की मुख्य संचालिका बी के कृष्णा बहिन ने श्री कृष्ण के बारे में कथित 16108 पटरानियां, 5 फन वाला कालिया नाग, चीर हरण, मटकी फोड़ना, मक्खन चोरी करना, बंशी बजाने, 9 लाख गाएं चराने आदि अनेक बातों का आध्यात्मिक रहस्य बताया।
तथा कहा कि इन बातों के गूढ़ रहस्यों का सही आध्यात्मिक ज्ञान न जानने के कारण ही श्री कृष्ण जैसी श्रेष्ठ पावन आत्मा पर भी उंगली उठाई जा रही है। उन्होंने निराकार परमात्मा शिव का परिचय देते हुए कहा कि जब हम अपने को वास्तविक स्वरूप (आत्मा) को जानकर परमात्मा को याद करते हैं, तो सभी पापों से मुक्त होकर आने वाली दैवीय दुनियां (स्वर्ग में) अपना राजभाग प्राप्त करते हैं।
बहुत जल्दी ऐसी स्वर्णिम दुनियां आने वाली है,जहां शीघ्र ही प्रथम महाराजकुमार श्री कृष्ण का जन्म होने वाला है, सभी को ऐसी दुनियां में चलने के लिए आमंत्रित किया। आज शिव संदेश भवन की 19 वीं वर्षगांठ भी मनाई गई।
श्री लाखन सिंह राजपूत जी ने आज ही शिक्षक दिवस की सभी को बधाई देते हुए बताया कि उन्हे भी माउंट आबू ब्रह्मकुमारी मुख्यालय जाने का सौभाग्य मिला और वहां का वर्णन करते हुए सभी को एक बार वहां अवश्य का आग्रह किया जाने का समारोह के समापन पर मुख्य अतिथि राज्य सरकार के आदरणीय लाखन सिंह राजपूत, श्री अनूप गुप्ता नगर पालिका अध्यक्ष औरैया एवं सभी उपस्थित अथितियों को ईश्वरीय सौगात, प्रसाद का वितरण किया गया और सभी द्वारा विश्व कल्याण के लिए मिलकर श्रेष्ठ संकल्प लिया गया। मंच का विधिवत संचालन बी के रिया बहिन द्वारा किया गया, अंत में सभी सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया, एवं सभी को प्रसाद दिया गया।*
