
बागबाहरा -: विश्व आदिवासी दिवस (International Day of the World’s Indigenous Peoples) हर साल 9 अगस्त को मनाया जाता है。 इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी अनूठी संस्कृति को संरक्षित करना और उनके योगदान को मान्यता देना है。इस दिवस को मनाने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा दिसंबर 1994 में की गई थी。 इसके पीछे मुख्य कारण 1982 में जिनेवा में हुई स्वदेशी आबादी पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक रख कर पुरे विश्व में एक ही दिन मनाने का निर्णय लिया गया तब से लगा तार आदिवासी समाज द्वारा हर्षउल्लास के साथ 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाते आ रहे है

इस वर्ष भी जिला स्तरीय कार्यक्रम बागबाहरा मंडी प्रांगण में विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम मनाया जाना है जिसमें के जिला के सभी आदिवासी समाज के 42 जाति एक स्थान में एकत्रित होकर मिल जुल कर हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम को मनाने का निर्णय लिया गया है सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष श्री भिखाम ठाकुर जी से प्राप्त जानकारी अनुसार कार्यक्रम की पूर्ण रूप रेखा तैयार किया जा चूका है इस वर्ष सभी समाज के लोग बढ़ चढ़ कर भाग लेगे अनुमान लगाया जा रहा है की इस वर्ष 10,000 से 15,000 सगा जनों की उपस्थिति रहेगी,DJ धुमाल, रेला पाटा कार्यक्रम, अनेक झाकियों के साथ विशाल रैली के साथ नगर भ्रमण होगा ततपश्चात सभा का आयोजन किया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखो एवं अतिथियों द्वारा अपने उद्बोधन में समाज को एकता अखंडता, जल जंगल जमीन की रक्षा , रुढ़ी जन परम्परा, जन्म संस्कार, मृत्यु संस्कार एवं विवाह संस्कार जैसे महत्व पूर्ण विषयो पर उद्बोधन बाद सभा का समाप्त किया जायेगा, जिसमें महासमुन्द जिलाध्यक्ष श्रीमती डेजी रानी नेताम, जिला कार्यकारणी अध्यक्ष तुला राम सोरी, पूर्व जिलाध्यक्ष मनराखन ठाकुर,, दिवान समाज प्रमुख विनोद दीवान, जिलाध्यक्ष युवा प्रभाग अध्यक्ष हम सागर, बिझवार, मिडिया प्रभारी ओम प्रकाश ध्रुव, एवं अनेको समाज प्रमुख उपस्थित हुए

