निरसा (धनबाद): निरसा विधानसभा क्षेत्र के उत्तरी हिस्से को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण गोपालगंज-बेनागोड़िया सड़क गुरुवार देर रात अचानक जोरदार आवाज के साथ धंस गई। सड़क करीब 50 फीट लंबाई और लगभग 14 फीट चौड़ाई में धंसने से पांच पंचायतों के लगभग 30 गांवों का निरसा प्रखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है।घटना के बाद ईसीएल और आउटसोर्सिंग प्रबंधन की ओर से सड़क के किनारे से वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि चापापुर कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा गुरुवार दोपहर सड़क के पास हैवी ब्लास्टिंग की गई थी। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में पहले ईसीएल की भूमिगत खदान संचालित थी और अवैध खनन भी होता रहा है। ब्लास्टिंग के कारण सड़क के नीचे की जमीन कमजोर होने और भारी वाहनों के लगातार परिचालन से यह हिस्सा अचानक धंस गया।ग्रामीणों के अनुसार, इसी सड़क से कोयला और ओबी डंप की भारी वाहनों से ढुलाई की जाती है, जिसके कारण पहले से ही सड़क पर दबाव बना हुआ था।यह सड़क बेनागोड़िया, घाघरा, सोनवाद, सिजुआ सहित कई पंचायतों के लगभग 30 गांवों के लोगों के लिए मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों ने खनन कंपनियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर सवाल उठाए हैं।जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी ने कहा कि ग्रामीण सड़क की स्थिति और समस्या को लेकर उन्होंने बोर्ड की बैठक में भी आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़क के साथ इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


