जनआस्था का सैलाब: प्राचीन गणपती मठ के ट्रस्ट गठन की मांग को लेकर श्रद्धालुओं की विशाल रैली, एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
धनंजय जोशी, पांढुरना
गणेश वार्ड स्थित प्राचीन सार्वजनिक गणपती मठ के ट्रस्ट गठन, मठ निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर की जांच की मांग को लेकर नगर के धार्मिक एवं जागरूक नागरिकों के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने विशाल रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई एसडीएम कार्यालय पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, श्रद्धालु एवं बच्चे शामिल हुए। पारंपरिक डिंडी, भजन-कीर्तन और धार्मिक उत्साह के बीच “गणपति बप्पा मोरया” तथा “गजानन महाराज की जय” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

ज्ञापन में बताया गया कि गणेश वार्ड स्थित प्राचीन सार्वजनिक गणपती मठ वर्षों से क्षेत्र की जनता की आस्था का केंद्र रहा है। सर्व समाज के सहयोग और दान से संचालित इस मठ में नियमित रूप से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन होते रहे हैं। वर्तमान में मठाधीपति वीररूद्रमुनी शिवाचार्य स्वामीजी द्वारा मठ का संचालन किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि मठ के पुनर्निर्माण कार्य के दौरान कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। साथ ही तत्कालीन पटवारी द्वारा राजस्व रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर मठ की भूमि पर एक समाज विशेष का अधिकार दर्शाने का प्रयास किया गया, जिसकी जांच और सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है।

रैली के माध्यम से श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की कि जनआस्था से जुड़े इस प्राचीन धार्मिक स्थल का शीघ्र सार्वजनिक ट्रस्ट गठित किया जाए, ताकि मठ के निर्माण और विकास कार्यों को गति मिल सके। साथ ही राजस्व अभिलेखों में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि गणपती मठ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण और विकास के लिए प्रशासन को जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।वंदे भारत न्यूज से धनंजय जोशी पांढुरना

