मुख्य समाचार पर जाएँ
LIVE NEWSROOM
BREAKING
गुड मॉर्निंग देवरिया के तहत महिलाओं को पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा।हमीरपुर :आईजीआरएस वाले गांवों में होगी चौपाल, रिपोर्ट न देने पर तय होगी जिम्मेदारी, गांववार बनेगी स्थायी कार्ययोजनाहमीरपुर :11 पेटी अवैध देशी शराब के साथ आरोपी गिरफ्तारचुनार में फिर गरजी दबंगई! दो गुटों में खूनी भिड़ंत17 सितंबर को मनावर विधानसभा में होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रमगणेश पंडाल में DJ साउंड बढ़ाने को लेकर विवाद, युवक की चाकू मारकर हत्याचाचरिया में शराब परिवहन का मामला, वाहन पकड़ा; पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल!सीतापुर में फिर गौवंश वध का मामला, जंगल में गाय काटते दो आरोपी पकड़े गए जिला ब्यूरोचीफ रवि गोस्वामी सरगुजा, सीतापुर। सीतापुर थाना क्षेत्र से लगे सरगा जंगल में कथित रूप से दो गाआस्था और उल्लास के साथ श्री गणपति पूजन उत्सव की शुरुआतशाहपुरा में हुई हिंदू संगठनों की समीक्षा बैठक में नए पदाधिकारियों की घोषणागुड मॉर्निंग देवरिया के तहत महिलाओं को पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा।हमीरपुर :आईजीआरएस वाले गांवों में होगी चौपाल, रिपोर्ट न देने पर तय होगी जिम्मेदारी, गांववार बनेगी स्थायी कार्ययोजनाहमीरपुर :11 पेटी अवैध देशी शराब के साथ आरोपी गिरफ्तारचुनार में फिर गरजी दबंगई! दो गुटों में खूनी भिड़ंत17 सितंबर को मनावर विधानसभा में होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रमगणेश पंडाल में DJ साउंड बढ़ाने को लेकर विवाद, युवक की चाकू मारकर हत्याचाचरिया में शराब परिवहन का मामला, वाहन पकड़ा; पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल!सीतापुर में फिर गौवंश वध का मामला, जंगल में गाय काटते दो आरोपी पकड़े गए जिला ब्यूरोचीफ रवि गोस्वामी सरगुजा, सीतापुर। सीतापुर थाना क्षेत्र से लगे सरगा जंगल में कथित रूप से दो गाआस्था और उल्लास के साथ श्री गणपति पूजन उत्सव की शुरुआतशाहपुरा में हुई हिंदू संगठनों की समीक्षा बैठक में नए पदाधिकारियों की घोषणा
A2Z सभी खबर सभी जिले की

जमीन के लिए आदिवासियों का सत्याग्रह, छठे दिन भी जारी रहा धरना आंदोलन

जमीन के लिए आदिवासियों का सत्याग्रह, छठे दिन भी जारी रहा धरना आंदोलन
WhatsApp Facebook

जमीन के लिए आदिवासियों का सत्याग्रह, छठे दिन भी जारी रहा धरना आंदोलन
भगवानपुरा। दगड़खेड़ी के किसानों द्वारा अपनी जमीन संबंधी मांगों को लेकर भगवानपुरा तहसील परिसर में चलाया जा रहा धरना-प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत किसानों का कहना है कि अब तक कोई भी जिम्मेदार सरकारी अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने या आश्वासन देने के लिए नहीं पहुंचा है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
धरने के छठे दिन किसानों ने पेसा (PESA) नियमों की पुस्तक तहसीलदार को भेंट कर आदिवासी क्षेत्रों में लागू संवैधानिक अधिकारों और कानूनों के पालन की मांग उठाई। किसानों ने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए।
इस दौरान जागृत आदिवासी दलित संगठन के शिवराम कनासे ने कहा कि आदिवासी समाज अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए तथा आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे तथा अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता