
नान्देड़ ः गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल वर्कर्स असोसिएशन ने उन वर्करों को तुरंत नौकरी देने की मांग को लेकर 16 दिसंबर से सोशल फॉरेस्ट्री ऑफिस के सामने भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है, जो सालों से परमानेंट डेली वेज पर काम कर रहे हैं और जिन्हें कोर्ट ने नौकरी से न निकालने का आदेश दिया है।
संगठन ने सोशल फॉरेस्ट्री डिपार्टमेंट के नायगाव, देगलूर, बिलोली, मुखेड़, धर्माबाद और हदगाव वगैरह इलाकों में 1992-93 से परमानेंट डेली वेज वर्कर्स के तौर पर काम कर रहे वर्कर्स को तुरंत नौकरी देने की मांग को लेकर बार-बार चिट्ठी लिखी है। लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन के काम न देने की वजह से वर्कर्स को भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल वर्कर्स एसोसिएशन ने सोशल फॉरेस्ट्री डिपार्टमेंट के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर को दिए एक बयान में चेतावनी दी है कि वर्कर्स को तुरंत नौकरी देने की मांग को लेकर 16 दिसंबर से एक जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस बयान पर लेबर लीडर्स एडवोकेट काॅ. प्रदीप नागापुरकर, काॅ. शिवाजी फुलवाले, काॅ. अब्दुल गफ्फार आदि लोगों के हस्ताक्षर हैं।
संगठन ने सोशल फॉरेस्ट्री डिपार्टमेंट के नायगाव, देगलूर, बिलोली, मुखेड़, धर्माबाद और हदगाव वगैरह इलाकों में 1992-93 से परमानेंट डेली वेज वर्कर्स के तौर पर काम कर रहे वर्कर्स को तुरंत नौकरी देने की मांग को लेकर बार-बार चिट्ठी लिखी है। लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन के काम न देने की वजह से वर्कर्स को भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल वर्कर्स एसोसिएशन ने सोशल फॉरेस्ट्री डिपार्टमेंट के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर को दिए एक बयान में चेतावनी दी है कि वर्कर्स को तुरंत नौकरी देने की मांग को लेकर 16 दिसंबर से एक जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस बयान पर लेबर लीडर्स एडवोकेट काॅ. प्रदीप नागापुरकर, काॅ. शिवाजी फुलवाले, काॅ. अब्दुल गफ्फार आदि लोगों के हस्ताक्षर हैं।