मौदहा (हमीरपुर)।सरकारी राशन के चावल की कालाबाजारी कर उसे कानपुर ले जाने की आशंका के बीच बुधवार रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम करनवीर सिंह और सीओ राजकुमार पांडेय ने नेशनल हाईवे-34 पर एक पेट्रोल पंप के पास चावल से भरा ट्रक पकड़ लिया। ट्रक में करीब 250 कुंतल चावल लदा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने ट्रक को मौदहा गल्ला मंडी में खड़ा कराया और पूर्ति विभाग के अधिकारियों से चावल की जांच कराई। शुरुआती जांच में चावल को सरकारी बोरों से निकालकर सामान्य बोरों में भरे जाने की बात सामने आई है। इसके बाद सरकारी राशन की कालाबाजारी की आशंका गहरा गई है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात अधिकारियों को सूचना मिली थी कि सरकारी राशन के चावल को दूसरे बोरों में भरकर ट्रक के माध्यम से कानपुर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद एसडीएम करनवीर सिंह और सीओ राजकुमार पांडेय ने नेशनल हाईवे-34 पर ट्रक की तलाश शुरू की। अधिकारियों ने पीछा करते हुए एक पेट्रोल पंप के पास ट्रक को पकड़ लिया। इसके बाद ट्रक को गल्ला मंडी में खड़ा कराकर चावल की जांच कराई गई।
जांच के दौरान पूर्ति निरीक्षक कमल और क्षेत्रीय निरीक्षक आशुतोष ने बताया कि ट्रक में लदे चावल को सरकारी बोरों से पलटकर सामान्य बोरों में भरा गया था। चावल की बिल्टी भी बनाई गई थी। सरकारी बोरों से चावल निकालकर सामान्य बोरों में भरे जाने का मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने चावल के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रक में लदा चावल मौदहा के आढ़तिया धर्मात्मा सरण साहू का बताया गया है। बताया जा रहा है कि ट्रक मौदहा गल्ला मंडी क्षेत्र से हमीरपुर होते हुए कानपुर की ओर जा रहा था। हालांकि, चावल सरकारी राशन का है या किसी अन्य स्रोत से खरीदा गया था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने ट्रक चालक सलीम निवासी मुस्करा, जिला हमीरपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चावल कहां से लाया गया था, इसे सरकारी बोरों से निकालकर सामान्य बोरों में किस उद्देश्य से भरा गया और इसे कानपुर में किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
सरकारी राशन के चावल को निर्धारित वितरण व्यवस्था से हटाकर खुले बाजार में बेचने की आशंका को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूर्ति विभाग चावल की प्रकृति, बोरों की स्थिति, बिल्टी और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर रहा है। वहीं, पुलिस चालक से पूछताछ के जरिए ट्रक की आवाजाही और चावल के परिवहन से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल, शुरुआती जांच में सरकारी बोरों से चावल निकालकर सामान्य बोरों में भरे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, चावल की वास्तविक उत्पत्ति और कालाबाजारी में किसी की संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
