मनावर में ही नवोदय क्यों? आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा का अवसर… जनप्रतिनिधि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मनावर की आवाज बनें…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 917997759
मनावर | जिला धार। मनावर विधानसभा क्षेत्र में जवाहर नवोदय विद्यालय स्थापित किए जाने की मांग अब विद्यार्थियों के भविष्य और क्षेत्र की शैक्षणिक जरूरत से जोड़कर उठाई जा रही है। नवोदय संघर्ष समिति का कहना है कि आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल मनावर क्षेत्र में नवोदय विद्यालय की स्थापना होने से क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। समिति के अनुसार, मनावर में विद्यालय स्थापित होने का लाभ केवल शहर या आसपास के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
विद्यार्थियों को दूर जाने की परेशानी से मिलेगी राहत
ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए कई बार अपने गांव और क्षेत्र से दूर जाना पड़ता है। ऐसे में मनावर में नवोदय विद्यालय की स्थापना होने से आसपास के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही आवासीय शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। इससे विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक और सामाजिक दबाव भी कम हो सकता है।
शिक्षा के साथ क्षेत्र के विकास को भी मिलेगा लाभ
जवाहर नवोदय विद्यालय जैसी शैक्षणिक संस्था की स्थापना से क्षेत्र में शिक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आवागमन, आवश्यक सुविधाओं और रोजगार से जुड़े अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है। विद्यालय का प्रभाव मनावर के साथ आसपास के अनेक गांवों तक पहुंचने की संभावना है।
स्थान चयन में विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरत को मिले प्राथमिकता
नवोदय संघर्ष समिति का कहना है कि विद्यालय का स्थान निर्धारित करते समय केवल प्रशासनिक सुविधा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की संख्या, क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आदिवासी एवं ग्रामीण आबादी, पहुंच और व्यापक जनहित जैसे पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
समिति का कहना है कि नवोदय विद्यालय किसी व्यक्ति, समाज या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी सार्वजनिक शैक्षणिक संस्था है। इसलिए इसके स्थान निर्धारण में राजनीतिक या व्यक्तिगत हितों के बजाय विद्यार्थियों और क्षेत्र की वास्तविक शैक्षणिक आवश्यकता को आधार बनाया जाना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों से स्पष्ट अपील—मनावर की आवाज बनें
मनावर विधानसभा क्षेत्र की जनता की ओर से सांसद, विधायक सहित सभी वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मनावर में नवोदय विद्यालय स्थापित कराने के लिए एकजुट प्रयास करें। विशेष रूप से स्थानीय सांसद से आग्रह है कि वे मनावर क्षेत्र की आदिवासी एवं ग्रामीण परिस्थितियों तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस विषय को केंद्र सरकार एवं संसद के समक्ष मजबूती से उठाएं। वहीं विधायक, जिला एवं जनपद पंचायत प्रतिनिधि, नगर पालिका, ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी लिखित समर्थन, प्रस्ताव एवं सामूहिक ज्ञापन के माध्यम से इस मांग को मजबूती प्रदान करें।
सर्वसमाज को एकजुट होकर उठानी होगी आवाज
नवोदय संघर्ष समिति द्वारा मांग को लेकर गांव-गांव जनजागरण, सर्वसमाज की बैठकें तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन-प्रशासन और संबंधित केंद्रीय विभाग तक विषय पहुंचाने की बात कही गई है। समिति का कहना है कि यह मांग किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि मनावर क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य की मांग है।
“मनावर में नवोदय खुले—मनावर के बच्चों के भविष्य को नई उड़ान मिले।”
“जनप्रतिनिधि एकजुट हों, मनावर में नवोदय की मांग को मजबूती से उठाएं।”
