
आलीराजपुर :- मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद जिला आलीराजपुर के विकासखंड चंद्रशेखर आजाद नगर अंतर्गत नवांकुर संस्था रिंगोल सनातन सेवा समिति रिंगोल, सेक्टर बरझर द्वारा ग्राम रिंगोल में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन, जैविक खेती, महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीण महिलाओं द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद महिलाओं द्वारा पारंपरिक रूप से कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधारोपण करने, पर्यावरण की रक्षा करने तथा गांव को हरा-भरा बनाने का संदेश दिया गया। कलश यात्रा के पश्चात ग्रामीण महिलाओं एवं उपस्थितजनों द्वारा पौधारोपण किया गया तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया।
संवाद के माध्यम से ग्रामीणों को दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया गया, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने ग्रामीणों को पर्यावरण, खेती, महिला स्वावलंबन एवं शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
रिंगोल सरपंच महेश भूरिया ने संवाद के दौरान कहा कि नवांकुर संस्था द्वारा ग्रामीणों को वितरित किए जा रहे पौधों को केवल लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को पौधा अपने घर ले जाकर उचित स्थान पर पौधारोपण करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जब तक लगाया गया पौधा बड़ा पेड़ नहीं बन जाता, तब तक उसकी नियमित रूप से देखरेख और सुरक्षा करें। पौधों में समय-समय पर पानी दें और उन्हें पशुओं से बचाएं, तभी पौधारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
कृषि सखी संगीता बामनिया ने ग्रामीणों से खेती में जैविक खाद एवं जैविक दवाइयों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसान खेती में अनावश्यक रूप से रासायनिक खाद एवं दवाइयों का उपयोग न करें तथा जैविक खेती को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ें। जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के साथ-साथ स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
NRLM से चेना गणावा एवं देसाई मावी ने महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए बकरी पालन योजना के तहत आवेदन भरने की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि इच्छुक महिलाओं को योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना चाहिए तथा बकरी पालन के माध्यम से महिलाएं अपनी आय बढ़ाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने समूह की महिलाओं से योजनाओं का लाभ लेने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए आगे आने की अपील की।
प्रधानपाठक प्रतापसिंह जादव ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से कहा कि अपने बच्चों को रोज नियमित रूप से स्कूल भेजें और उन्हें अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनका अनुशासन ही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है। अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और विद्यालय की गतिविधियों में भी सहयोग करें।
कार्यक्रम में सेक्टर प्रभारी संजय बामनिया एवं सचिव महेश जादव के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं एवं प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में रिंगोल सरपंच महेश भूरिया, कृषि सखी संगीता बामनिया, प्रधानपाठक प्रतापसिंह जादव, NRLM से चेना गणावा एवं देसाई मावी, प्रस्फुटन समिति के सदस्य, ग्रामीण महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। नवांकुर सखी हरियाली यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैविक खेती, महिला स्वावलंबन एवं बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
ग्रामीण महिलाओं, युवाओं एवं प्रस्फुटन समिति के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता से नवांकुर सखी हरियाली यात्रा, संवाद एवं पौधारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और गांव को हराभरा बनाने के लिए लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख करने का संकल्प लिया।

