*खापरखेड़ा/पिपरिया*। बिजली विभाग द्वारा ग्राम खापरखेड़ा सहित आसपास के गांवों में पिछले कई दिनों से दिन और रात में 10 से 12 घंटे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में कटौती से आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
विभाग द्वारा आए दिन मेंटेनेंस के नाम पर काम करने का दिखावा किया जा रहा है। सवाल यह है कि जब निरंतर मेंटेनेंस का दावा किया जा रहा है, तो फिर इतनी लंबी अघोषित कटौती क्यों? शिकायत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाने पर कॉल तक रिसीव नहीं किए जा रहे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खापरखेड़ा क्षेत्र सहित आसपास की बिजली व्यवस्था आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दी गई है। बड़े पदों पर बैठे अधिकारी चैन से बैठे हैं और उन्हें परेशान जनता की कोई चिंता नहीं है।
सबसे गंभीर बात यह है कि इतनी लंबी अघोषित कटौती की सूचना न तो जनप्रतिनिधियों को दी जा रही है और न ही स्थानीय पत्रकारों को। बिजली विभाग के मुखिया डीई किसके संरक्षण में इतनी मनमानी कर रहे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
जनता में आक्रोश है कि इतनी अव्यवस्था के बाद भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि मौन धारण किए हुए हैं। लोगों ने मांग की है कि बिजली कटौती को लेकर तत्काल पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए और अघोषित कटौती पर रोक लगाई जाए।

