
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
क्या पांढुरना अपनी 125 वर्ष पुरानी शैक्षणिक धरोहर खो देगा?
पांढुरना शहर की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं, व्यापारिक गतिविधियों या राजनीतिक घटनाओं से नहीं है, बल्कि उन संस्थानों से भी है जिन्होंने पीढ़ियों का निर्माण किया है। उन्हीं संस्थानों में से एक है नगर पालिका हायर सेकेंडरी स्कूल, जो पिछले लगभग 125 वर्षों से शिक्षा की अलख जगाता आ रहा है।

आज जब इस ऐतिहासिक विद्यालय के बंद होने की चर्चाएं सुनाई दे रही हैं, तो यह केवल एक स्कूल के अस्तित्व का सवाल नहीं है, बल्कि शहर की उस विरासत का प्रश्न है जिसने हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया। इस विद्यालय की कक्षाओं में बैठकर अनेक विद्यार्थियों ने अपने सपनों को आकार दिया, जिन्होंने आगे चलकर समाज, प्रशासन, राजनीति, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
एक समय था जब नगर पालिका स्कूल में प्रवेश पाने के लिए अभिभावक उत्साहित रहते थे। विद्यालय का नाम गुणवत्ता, अनुशासन और संस्कार का पर्याय माना जाता था। यहां से निकले छात्र आज भी गर्व से बताते हैं कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी संस्थान से प्राप्त की है। विद्यालय का प्रांगण, उसकी घंटी, खेल मैदान और कक्षाएं न केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा हैं, बल्कि अनगिनत यादों और संघर्षों की जीवंत कहानी हैं।

यदि वास्तव में यह विद्यालय बंद होने की स्थिति में है, तो यह पूरे शहर के लिए चिंतन का विषय है। किसी भी ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्था का अंत केवल एक भवन का बंद होना नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी स्मृतियों, परंपराओं और सामाजिक विरासत का भी क्षरण होता है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन, पूर्व छात्र, सामाजिक संगठन और नागरिक मिलकर इस धरोहर को बचाने के लिए आगे आएं। छात्र संख्या बढ़ाने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और विद्यालय के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएं। क्योंकि किसी भी शहर की वास्तविक प्रगति उसके पुराने संस्थानों को समाप्त करने में नहीं, बल्कि उन्हें समय के अनुरूप सशक्त बनाकर आगे बढ़ाने में होती है।

पांढुरना के लोगों को स्वयं से यह प्रश्न पूछना होगा कि क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह बताएंगे कि कभी यहां एक ऐसा विद्यालय था जिसने हजारों सपनों को उड़ान दी थी, या फिर हम मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि यह विद्यालय आने वाले सौ वर्षों तक भी ज्ञान का दीपक जलाता रहे?
नगर पालिका हायर सेकेंडरी स्कूल केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि पांढुरना की शैक्षणिक आत्मा है। इस आत्मा को जीवित रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

