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*ड्रेस तथा कॉपी-किताबों किसी एक दुकान/विक्रेता/संस्था विशेष से क्रय करने हेतु स्कूल संचालक नहीं कर सकेंगे बाध्य* — *स्कूल संचालकों, प्रकाशकों एवं विक्रेताओं की मोनोपॉली खत्म करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने जारी किये प्रतिबंधात्मक आदेश* — *भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163(1)(2) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी* — *आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/संस्था/आयोजक के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत की जा सकेगी कार्यवाही* राहुल सेन मांडव मो 9669141814

*ड्रेस तथा कॉपी-किताबों किसी एक दुकान/विक्रेता/संस्था विशेष से क्रय करने हेतु स्कूल संचालक नहीं कर सकेंगे बाध्य*

*स्कूल संचालकों, प्रकाशकों एवं विक्रेताओं की मोनोपॉली खत्म करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने जारी किये प्रतिबंधात्मक आदेश*

*भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163(1)(2) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी*

*आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/संस्था/आयोजक के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत की जा सकेगी कार्यवाही*

राहुल सेन मांडव
मो 9669141814

इंदौर न्यूज/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (1) (2) के तहत स्कूल संचालकों, प्रकाशकों एवं विक्रेताओं की एकाधिकारी प्रवृत्ति को खत्म करने तथा लोक प्रशान्ति विक्षुब्ध होने से रोकने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार विद्यालय संचालक/प्राचार्य स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची विद्यालय की परीक्षा परिणाम जारी होने के पूर्व ही अपने स्कूल की वेबसाईट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे एवं विद्यालयीन परिसर में सार्वजनिक पटल/स्थान पर चस्पा करेंगे। विद्यालय संचालक/प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को पुस्तकें एवं कापियां, सम्पूर्ण यूनिफार्म आदि सम्बन्धित स्कूल/संस्था अथवा किसी एक दुकान/विक्रेता/संस्था विशेष से क्रय किये जाने हेतु बाध्य नहीं किया जायेगा। मान्यता नियमों के अन्तर्गत स्कूल की स्वयं की वेबसाईट होना अनिवार्य है। स्कूल के प्राचार्य / संचालक पुस्तकों की सूची की एक प्रति प्रवेशित अभिभावकों को प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के समय आवश्यक रूप से उपलब्ध करायेंगे एवं कम से कम 03 पुस्तक/यूनिफार्म विक्रेताओं का नाम सत्र प्रारंभ होने के 02 माह पूर्व वेबसाईट पर अपलोड कराना सुनिश्चित करेंगे।
विद्यालय संचालक/प्राचार्य विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों को सूचीबद्ध पुस्तकें परीक्षा परिणाम अथवा उसके पूर्व क्रय हेतु बाध्य नहीं करेंगे। अभिभावक पुस्तकों की उपलब्धता के आधार पर 15 जून 2026 तक क्रय कर सकेंगे। विद्यालय जिस नियामक बोर्ड सी.बी.एस.ई./आई.सी.एस.ई./एम.पी.बी.एस.ई./माध्यमिक शिक्षा मण्डल आदि से संबद्ध है, उस संस्था के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम एवं उस पाठ्यक्रम के अन्तर्गत नियामक संस्था अथवा उसके द्वारा विधिक रूप से अधिकृत एजेंसी (यया एनसीईआरटी, म०प्र० पाठ्य पुस्तक निगम आदि) द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य प्रकाशकों/मुद्रकों द्वारा प्रकाशित की जाने वाली पुस्तकों को विद्यालय में अध्यापन हेतु प्रयुक्त किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
विद्यालय संचालक/प्राचार्य सुनिश्चित करेंगे कि उक्त के अतिरिक्त अन्य विषयों जैसे नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, कम्प्युटर आदि की निजी प्रकाशकों/मुद्रकों की पुस्तकें क्रय करने हेतु बाध्य नहीं किया जायेगा। विद्यालय संचालक/प्राचार्य/पालक शिक्षक बैठक (P.T.M) सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में पुस्तकों के निजी प्रकाशक/मुद्रक/विक्रेता स्कूल परिसर के भीतर प्रचार प्रसार हेतु किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं करें। विद्यालय संचालक/प्राचार्य विक्रेता द्वारा पुस्तकों के सेट की कीमत बढ़ाने हेतु अनावश्यक सामग्री जो निर्धारित पाठ्यक्रम से संबंधित नहीं है, का समावेश सेट में नहीं किया जायेगा। कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा के पूरे सेट को क्रय करने की बाध्यता नहीं रखेगा। यदि किसी विद्यार्थी को पुरानी किताबें उपलब्ध हो तो उसे जिसकी आवश्यकता है, केवल उन किताबों को विक्रेता द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।
नोट्स बुक (कॉपी) पर ग्रेड, किस्म, साईज, मूल्य, पृष्ठ संख्या की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। किसी भी पुस्तक अथवा कापी पर विद्यालय का नाम मुद्रित नहीं किया जायेगा तथा इन पर चढ़ाने वाले कवर पर विद्यालय नाम को मुद्रित नहीं किया जायेगा। कोई भी विद्यालय दो से अधिक प्रकार की यूनिफार्म निर्धारित नहीं करेगा। ब्लेजर/स्वेटर इसके अतिरिक्त होगा। विद्यालय प्रशासन द्वारा यूनिफार्म का निर्धारण इस प्रकार किया जायेगा कि कम से कम 03 वर्ष तक उसमें परिवर्तन न हो।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/संस्था/आयोजक के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत कार्यवाही की जा सकेगी। विद्यालय द्वारा उक्त आदेशों की अवहेलना किये जाने पर शाला के प्राचार्य/संचालक के साथ ही शाला का प्रबन्धक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के समस्त सदस्य भी दोषी होंगे।
यह आदेश 12 फरवरी से 11 अप्रैल 2026 तक की अवधि में प्रभावशील रहेगा। जिले के समस्त विद्यालय अपने नोटिस बोर्ड पर उक्त सूचना चस्पा करेंगे। विद्यालय के प्राचार्य उक्त आदेशों की जानकारी प्रबन्धक की प्रथम बैठक में सविस्तार रखना सुनिश्चित करेंगे।

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