

लम्भुआ पुलिस ने गांजा तस्करी के एक संगठित अंतर-जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महिला समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 30 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 6 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके साथ ही गांजा बिक्री से अर्जित 3 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो चार पहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई सोमवार सुबह लगभग 9:30 बजे लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के खडुआन गांव के पास शिवगढ़ श्रीरामपुर मार्ग पर की गई। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वाहनों की चेकिंग शुरू की, इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर दो कारों को रोका गया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि रेनोलड ट्राइबर UP32 PL 8505 और होंडा सिटी कार नम्बर CH 01AM 6607 में बेहद शातिर तरीके से गुप्त चैम्बर बनाए गए थे, जिनमें गांजा छिपाकर परिवहन किया जा रहा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी छत्तीसगढ़ और ओडिशा से गांजा खरीदकर उसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे। इस मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि बरामद नकदी गांजा की बिक्री से अर्जित की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरदेव चौहान पुत्र स्वर्गीय नंदलाल चौहान, धर्मेंद्र सरोज पुत्र स्वर्गीय शेर बहादुर सरोज तथा उसकी पत्नी अनीता के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ लम्भुआ कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए छानबीन तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं परिजन भी कोतवाली लम्भुआ में यह कहते पाए गए की मेरा पति अमरदेव का इस मामले में कोई वास्ता नहीं है यदि हमारा किसी प्रकार से रोल होता तो हम उसे छिपाने का प्रयत्न करते ना कि पुलिस को हम स्वतः दे देते