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कृषक उपहार योजना में संशोधन को मंजूरी: अब ई-पेमेंट से ही मिलेगा योजना का लाभ

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

राज्य सरकार ने किसानों को पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से कृषि जिंसों की बिक्री हेतु प्रोत्साहित करने के लिए संचालित ‘कृषक उपहार योजना’ में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। अब इस योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलेगा जो ई-नाम पोर्टल के माध्यम से बिक्री करते हुए ई-पेमेंट (इलेक्ट्रॉनिक भुगतान) प्रणाली से भुगतान प्राप्त करते हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कृषि विपणन विभाग द्वारा भिजवाए गए प्रस्ताव के अनुसार अब उन्हीं किसानों को उपहार कूपन जारी किया जाएगा, जिनकी जिंसों की बिक्री ई-नाम पोर्टल पर दर्ज हुई हो और उसका भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से प्राप्त किया गया हो। योजना के वर्तमान स्वरूप में देखा जा रहा था कि ई-नाम पर कृषि जिंस के विक्रय पर्चियों पर जारी कूपन की तुलना में ई-पेमेंट पर जारी कूपन की संख्या काफी कम है। अब केवल ई-पेमेंट पर ही उपहार कूपन जारी किए जाने से ई-नाम पोर्टल पर बिक्री के साथ-साथ किसान और व्यापारी तत्काल एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित होंगे।

संशोधित योजना में ई-पेमेंट से प्राप्त कृषि उपज विक्रय की प्रति 10 हजार रूपये की राशि एवं इसके गुणकों में उपहार कूपन ई-नाम सॉफ्टवेयर द्वारा जारी किए जा सकेंगे। प्रत्येक 6 माह में मंडी स्तर पर ड्रॉ निकालकर 50,000 रूपये का प्रथम पुरस्कार 30,000 रूपये का द्वितीय पुरस्कार और 20,000 रूपये का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

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