प्रकृति प्रेम और सामाजिक सरोकार का अनूठा संगम! मुरबाड कृषि विभाग और एग्रो डीलर एसोसिएशन ने श्रमदान से बनाए 4 वनराई बंधारे
जिल्हा प्रतिनिधी काशिनाथ देसले ठाणे.
तालुका प्रतिनिधी किशोर पवार मुरबाड. मुरबाड:दिनांक ३/११/२०२६.
मुरबाड विशेष वार्ता :
मानसून खत्म होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के प्राकृतिक स्रोत तेजी से सूखने लगते हैं। इससे रबी सीजन की फसलों के लिए पानी की किल्लत हो जाती है, साथ ही जंगलों और आसपास के मूक पशु-पक्षियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ता है।
इसी गंभीर समस्या को समझते हुए, किसानों के प्रति संवेदनशीलता और पशु-पक्षियों के प्रति गहरे प्रेम के कारण मुरबाड तालुका के मौजे सोनावले में श्रमदान के जरिए एक साथ कुल 4 वनराई बंधारे (बोरी बांध) सफलतापूर्वक बनाए गए हैं। मुरबाड तालुका एग्रो डीलर एसोसिएशन और तालुका कृषि विभाग, मुरबाड द्वारा संयुक्त रूप से इस व्यापक जल संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया था।
केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर न रहकर, सामाजिक जिम्मेदारी के लिए एकजुट होने से कितना बड़ा बदलाव लाया जा सकता है, यह इस अभियान ने साबित कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन और सहयोग
इस जन-कल्याणकारी पहल को ठाणे जिला कृषि अधीक्षक श्री रमेशवर पाचे साहेब और जिला कृषि विकास अधिकारी श्री बाचोटीकर साहेब का विशेष सहयोग मिला।
उनकी प्रेरणा से ही कृषि विभाग की टीम ने स्थानीय स्तर पर सटीक योजना बनाकर इस अभियान को जमीन पर उतारा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं किया श्रमदान
इन 4 वनराई बंधारों को धरातल पर साकार करने के लिए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुद मैदान में उतरकर श्रमदान किया।
इसमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
• श्री गायकवाड साहेब (तालुका कृषि अधिकारी, मुरबाड)
• श्री रामचंद्र घुडे साहेब (तालुका गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक)
• श्रीसंदीप केणे साहेब (मंडल कृषि अधिकारी मुरबाड
• श्री शरद म्हाडसे (कृषि सहायकअधिकारी धसई )
इन सभी ने मौके पर उपस्थित रहकर काम का नेतृत्व किया और बंधारों को समय पर पूरा करने के लिए विशेष परिश्रम किया। कृषि विक्रेताओं की 'सामाजिक सहभागिता'
इस मुहिम में तालुका के कृषि विक्रेताओं ने केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण न रखते हुए, समाज और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।
तालुका डीलर एग्रो एसोसिएशन के पदाधिकारियों श्री जयवंत हरड और श्री रवींद्र विशे के आह्वान पर क्षेत्र के कृषि विक्रेता बड़ी संख्या में एकजुट हुए। इसमें प्रमुख रूप से कृषि विक्रेता श्री विजय भोईर, श्री कैलाश भोईर, श्री विकास वारघडे, श्री चिंतामण वारघडे सहित तालुका के सभी कृषि विक्रेता भाइयों ने खुद बोरियां भरने से लेकर बंधारे को खड़ा करने तक में बहुमूल्य श्रमदान और आर्थिक व तकनीकी सहयोग दिया।
