कोलकाता: वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व वैश्विक उपलब्धि हासिल करते हुए, भारत के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. नील रतन अग्रवाल (बंगाल रत्न) ने लगातार दो वर्षों में दो प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान पुरस्कार अपने नाम किए हैं।
लगातार मिले ये ऐतिहासिक सम्मान होम्योपैथिक ऑन्कोलॉजी (कैंसर विज्ञान) और होम्योपैथिक नेफ्रोलॉजी (किडनी रोग विज्ञान) के क्षेत्र में उनके अग्रणी योगदान को मान्यता देते हैं, जिसने उनके नैदानिक अनुसंधान (clinical research) को वैश्विक चिकित्सा विज्ञान के शीर्ष स्तर पर स्थापित कर दिया है। वैश्विक मंच पर मिली बड़ी पहचान:
• स्कोपस इंडेक्स कॉन्क्लेव 2025: 3 अगस्त 2025 को आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ.
अग्रवाल को 2,350 से अधिक वैश्विक आवेदकों में से 'अंतर्राष्ट्रीय विशिष्ट शोधकर्ता पुरस्कार' के लिए चुना गया। होम्योपैथिक ऑन्कोलॉजी में उनकी नवीन पद्धतियों के लिए तमिलनाडु के माननीय शिक्षा मंत्री श्री अनबिल महेश पोय्यामोझी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से यह सम्मान (प्रमाण पत्र संख्या: SIO1A33259) प्रदान किया।
• इंटरनेशनल कॉन्क्लेव 2026: इस सफलता के ठीक एक साल बाद, 23 अगस्त 2026 को डॉ. अग्रवाल को 'होम्योपैथिक नेफ्रोलॉजी' (किडनी की देखभाल) में उनके असाधारण और पीयर-रिव्यूड (सहकर्मी-समीक्षित) शोध योगदान के लिए 'अभिनव अनुसंधान योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय विशिष्टता पुरस्कार' से नवाजा गया।
अनुसंधान उत्कृष्टता की विरासत:
प्रमुख होम्योपैथ्स के परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रवासी राजस्थानी चिकित्सक डॉ. अग्रवाल पिछले दो दशकों (वर्ष 2005) से आधुनिक होम्योपैथी का अभ्यास कर रहे हैं।
कलकत्ता विश्वविद्यालय से बीएचएमएस (BHMS) सहित कई उच्च डिग्रियों से लैस और 'रिसर्च ब्यूरो वेरिटास' द्वारा प्रमाणित शोधकर्ता डॉ. अग्रवाल पूर्व में भी "भारत के रत्न" (राजीव गांधी आइकन अवार्ड), वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ होम्योपैथी द्वारा "उत्कृष्टता पुरस्कार", और ऑक्सफोर्ड रिसर्च अवार्ड्स जैसे दर्जनों प्रतिष्ठित राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।
डॉ. अग्रवाल को लगातार मिले ये अंतर्राष्ट्रीय सम्मान साक्ष्य-आधारित (evidence-based) होम्योपैथिक अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर मिल रही बढ़ती मान्यता को रेखांकित करते हैं।
उनका यह कार्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक वैज्ञानिक सत्यापन के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा है, जिससे जटिल कैंसर और किडनी रोगों के एकीकृत उपचार का नया मार्ग प्रशस्त हुआ है।
