तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी… धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत देने की मांग…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। धार जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और कम वर्षा से उत्पन्न संकट को लेकर महिला कांग्रेस ने उमरबन में प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। धार जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती प्रीति महेश्वरी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग से बिजली व्यवस्था में सुधार करने तथा धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत देने की मांग उठाई गई।
महिला कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि जिले के नगरीय, कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद रहने से आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कम वर्षा के कारण पहले से ही किसान परेशान हैं, वहीं अनियमित बिजली आपूर्ति के चलते खेतों में सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है। किसानों की फसलों पर संकट मंडरा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
*पढ़ाई से लेकर खेती तक प्रभावित*
महिला कांग्रेस ने कहा कि बिजली कटौती का असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। रात के समय बिजली बंद रहने से बच्चों को अध्ययन में परेशानी हो रही है। वहीं, बिजली के अभाव में नल-जल योजनाओं, बोरवेल और अन्य जल स्रोतों से पानी उपलब्ध कराने में कठिनाई आ रही है। महिलाओं को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उमस और गर्मी के बीच छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति में बार-बार व्यवधान से घरेलू व व्यावसायिक उपकरणों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। बिजली पर निर्भर छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और कुटीर उद्योगों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
*धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग*
महिला कांग्रेस ने कहा कि इस वर्ष पर्याप्त वर्षा नहीं होने से क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत राशि और फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को सहायता मिल सके।
*ज्ञापन में रखीं प्रमुख मांगें*
महिला कांग्रेस ने जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने, निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने तथा जर्जर विद्युत लाइनों की मरम्मत कराने की मांग की। साथ ही बिजली शिकायत केंद्रों को सक्रिय करने और कटौती से पहले उपभोक्ताओं को सूचना देने की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी गई।
महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पीड़ित जनता को साथ लेकर कलेक्ट्रेट और विद्युत मंडल कार्यालयों का घेराव, धरना-प्रदर्शन तथा उग्र आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर आगामी आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
*ये रहे उपस्थित*
प्रदर्शन में जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती प्रीति महेश्वरी, उमरबन महिला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सुमन पटेल, आदिवासी कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष पवन पटेल, उमरबन ब्लॉक आदिवासी कांग्रेस महासचिव नंदराम वास्केल, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल पटेल, आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक उपाध्यक्ष रवि पटेल, जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जर्मन सिंह पंजाबी एवं दिनेश राठौर, कालू सिंह पटेल, भारत पटेल, बंसीभाई, आदिवासी कांग्रेस संगठन के मार्गदर्शक जगदीश पटेल, बाकानेर के इकबाल हुसैन, छोटू खान सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा श्रीमती संगीता, श्रीमती मोबाबाई, श्रीमती राजूबाई, रामेश्वर चौहान, धनसिंग बेनल, रतन भाई, दशरथ मौर्य, नानूराम गोयल, सीताराम डावर, बंसिग डावर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, किसान और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। महिला कांग्रेस ने शासन-प्रशासन से बिजली कटौती और सूखे की समस्या का शीघ्र समाधान कर आमजन एवं किसानों को राहत देने की मांग की।
