जनभावना का सम्मान हो, क्षेत्रहित में जनप्रतिनिधि आवाज उठाएं,……
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मनावर विधानसभा क्षेत्र की जनता लंबे समय से विकास की संभावनाओं और अपेक्षाओं के बीच बेहतर अवसरों की प्रतीक्षा कर रही है। समय-समय पर क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी परियोजनाओं, संस्थानों और शासकीय सुविधाओं की स्थापना जिले के अन्य क्षेत्रों में हुई। इससे मनावर की जनता के मन में यह भावना जरूर बनी कि विकास की प्राथमिकताओं में उनके क्षेत्र को भी पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए।
मनावर विधानसभा क्षेत्र आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल तथा कृषि प्रधान क्षेत्र है। मां नर्मदा की अविरल धारा, उपजाऊ कृषि भूमि, चूना पत्थर जैसे प्राकृतिक संसाधन और मेहनतकश किसान इस क्षेत्र की पहचान हैं। यहां मिर्च, कपास, डॉलर चना, मक्का सहित अनेक फसलों का व्यापक उत्पादन होता है। नारंगी, मौसंबी, जाम, केला और आम के बगीचे क्षेत्र की कृषि विविधता को दर्शाते हैं। औषधीय खेती के साथ आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों का भी उपयोग बढ़ रहा है। संभावनाएं इतनी हैं, तो विकास की रफ्तार भी उसी अनुपात में क्यों न हो। यही आज मनावर की जनता का मूल सवाल है। मनावर को किसी दूसरे क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी है। सवाल केवल इतना है कि जहां जरूरत, संभावना और जनभावना है, वहां विकास की प्राथमिकता भी दिखाई दे।
*नवोदय विद्यालय—मनावर के बच्चों के भविष्य का सवाल*
प्रस्तावित नवीन जवाहर नवोदय विद्यालय को लेकर मनावर क्षेत्र की जनता की स्पष्ट भावना है कि आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा का अधिकतम लाभ मनावर क्षेत्र में ही मिलना चाहिए।
*“मनावर में ही नवोदय क्यों?”*
नवोदय संघर्ष समिति ने कहा कि यह किसी व्यक्ति, दल या संस्था के विरोध का प्रश्न नहीं है। यह क्षेत्र के बच्चों के भविष्य, उनकी सुविधा और समान अवसर का प्रश्न है। जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर जनभावना और क्षेत्रहित को प्राथमिकता दें तथा मनावर में नवोदय विद्यालय की स्थापना के पक्ष में अपनी प्रभावी आवाज रखें।
*याचना से जनआंदोलन तक—लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष*
बताया जाता है कि जनता पहले अपनी बात ज्ञापन, संवाद, जनप्रतिनिधियों से आग्रह और लोकतांत्रिक माध्यमों से शासन तक पहुंचाएगी। यदि जनभावना पर अपेक्षित सकारात्मक निर्णय नहीं होता है, तो आंदोलन को चरणबद्ध एवं शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने की आवश्यकता होगी। यह किसी के खिलाफ आंदोलन नहीं होगा, बल्कि मनावर के विकास और क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के पक्ष में जन आवाज होगी।
*आवाज दो—हम एक हैं*
नवोदय संघर्ष समिति ने कहा कि मनावर के विकास के लिए रोड मैप हो। जनप्रतिनिधि जनभावना का सम्मान करें। क्षेत्र की संभावनाओं के अनुरूप विकास की प्राथमिकताएं तय हों। मनावर के बच्चों के भविष्य के लिए नवोदय विद्यालय मनावर में ही हो। आज आवश्यकता आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, सकारात्मक पहल और एकजुट जन आवाज की है।
मनावर की जनता जिस जनप्रतिनिधि से अपने क्षेत्र के हक, विकास और भविष्य के लिए आवाज उठाने की अपेक्षा कर रही है, वह आवाज आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। दल नहीं—क्षेत्रहित की बात करें। विरोध नहीं—विकास की बात करें। व्यक्ति नहीं—मनावर के भविष्य की बात करें। अब संकल्प एक— “मनावर का हक, मनावर का विकास और मनावर में ही नवोदय।”
