चंद्रशेखर आजाद नगर बना अंधेर नगरी
चंद्रशेखर आजाद नगर में खुले तारे को हटा कर केबल बिछाई जा रही है जिसके कारण दिन में बिजली गुल रहती है वो भी अघोषित अर्थात आंख मिचौली का खेल, खेल रहा है बिजली विभाग जबकि वर्षा ऋतु के पहले मानसून की तैयारिया की जाती हैं तब भी बिजली कटौती करता है विभाग दिन में तो काम चल रहा हे कहता है परन्तु रात में भी बिजली की कटौती कर रहा है विभाग आखिर जनता कब तक चुप रहेगी । शासन, प्रशासन के घरों में इन्वेंटर है इसलिए उन्हें कोई चिंता नहीं है ।
जनता की चिंता चुनाव के समय होती है 24 घंटे बिजली देने वाले सारे गायब है। जन विश्वास अभियान की केवल दिखावा है क्या ?
इतनी कटौती होने के बाद भी जनता के बिजली के बिल में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है बिल जस के तस बने हुए हैं क्या इसे विकास कह सकते हैं ।वहीं दूसरी ओर इंटरनेट सेवाएं भी खराब हो चुकी हैं जिसके कारण UPI पेमेंट नहीं हो रहे हैं, कियोस्क सेंटर पर लोगों की भीड़ हो रही परन्तु पेमेंट नहीं मिल पा रहे है । निजी नेटवर्क प्रदान कने वाली कंपनियों की मनमानी को कोई रोकने वाला नहीं है जबकि 28 दिन होने पर रिचार्ज खत्म हो जाता हैं सेवाएं बंद हो जाती हैं।
कितनी भी शिकायत की जाए कोई सुनवाई नहीं हो रही है केवल आश्वासन दिया जा रहा है जनता का शोषण निजी कंपनियों द्वारा हो रहा है चाहे वो विद्युत वितरण हो या नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियां हो ।
