जिला रिपोर्टर भैयालाल सोलंकी को रिपोर्ट
खरगोन जिले के कसरावद तहसील के आदिवासी आबादी क्षेत्र ग्राम उमरदड मैं आजादी के 80 साल बाद भी टावर नहीं बना। प्रशासन अभी तक मौन है अब आपको बता दें कि ग्राम उमरदाड निचलले हिस्सों तथा कुछ छोटी बड़ी पहाड़ियों से घिरा होने के कारण यहां पर नेटवर्क नहीं मिलता है क्षेत्रीय नेताओं से संपर्क करने पर उन्हें केवल झूठे आश्वासन दिए जाते हैं। यह गांव, ग्राम पंचायत खेड़ी बुजुर्ग के अंतर्गत आता है । ग्रामीणों का कहना है कि नेताओं के आश्वासन के सालों बीत जाने के बाद भी कोई भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है। चुनाव के समय नेता वोट लेकर चले जाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद अपनी मांगों को पूरी तरह से भूल जाना शायद यही नेताओं का स्वभाव हो चुका है। ,,
इस आधुनिक दौर में दुनिया AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पीछे नई नई खोजे कर रहे हैं। वहीं पर यह गांव हाथ में मोबाइल लेकर अपनों से बात करने को तरस रहा है कई बार ग्रामीण पहाड़ी पर चढ़ के नेटवर्क को ढूंढते हुए तथा अपनों से बात करने की आस लगाए हुए। परेशान रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हम कई बार चुनावी नेताओं से बात कर चुके हैं लेकिन हमें झूठे आश्वासन के अलावा और कुछ हासिल नहीं हुआ और हम आज भी नेटवर्क की समस्या को लेकर परेशान है
