जिला ब्यूरोचिप रवि गोस्वामी सरगुजा,
*सीतापुर, सरगुजा*
पैगम्बर-हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मुबारक मौक़े पर आज कब्र, सरगुजा में *जश्ने ईद मिलादुन्नबी* बड़ी ही अकीदत और फ़रमान से मनाई गई।
इस मस्जिद पर सुबह से ही मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई और पैगंबर साहब की जीवनी पर प्रकाश डाला गया। दो बजे शहर के मुख्य ध्वज से *भव्य मार्च-ए-मोहम्मदी* निकला। हाथों में इस्लामी झंडे और नारा-ए-तकबर “अल्लाह हू अकबर” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
जुलूस की जगह-जगह फूल-मालाओं से इस्तकबाल किया गया। जुलूस में शामिल लोगों ने पैगम्बर साहब के स्वाभिमान, भाईचारे और इंसानियत के पैगाम की वकालत की।
इस मौके पर उलेमाओं ने तकरीर करते हुए कहा कि ”हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया है। उनकी तालीम पर ही समाज में शांति की भावना हो सकती है।” शाम में मस्जिदों और घरों को रोशनी से नवाजा गया। लंगर और नियाज़ का भी एहतमाम किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने विद्वान की उपाधि प्राप्त की।
जुलूस में अमन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन बंद रहा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे: सदर साहब/साहब साहब/समुदाय,

