
हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर । गत माह आए तूफान से कस्बे की उद्योग नगरी में यूपीसीडा के करीब 1500 पेड़ धराशायी हुए हैं। जिनको रातों-रात यूपीसीडा के कर्मियों ने उद्योग नगरी में संचालित आरा मशीन के संचालक को औने पौने दामों में बेचकर बगैर नीलामी के खुर्द बुर्द कर दिया है। अधिकारियों के पूंछने पर यूपीसीडा कर्मी लकड़ी चोरी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।गत माह 28 मई की रात आए भयंकर तूफान ने फैक्ट्री एरिया में जमकर कहर बरपाया था। यूपीसीडा की जमीन पर लगे करीब 1500 पेड़ तूफान के कहर से ध्वस्त हुए थे। इन टूटे पेड़ों को यूपीसीडा के कर्मियों ने औने पौने दामों में बगैर नीलामी के खुर्द बुर्द कर दिया है। मामला प्रकाश में आने पर यूपीसीडा के अधिकारी जांच कर रहे हैं। जांच में गर्दन फंसती देखकर यहां तैनात कर्मी उद्योग नगरी में संचालित आरा मशीन संचालक पर पेड़ चोरी करके ले जाने का आरोप लगाकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। यहां पर तैनात सुपरवाइजर कमलेश विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने पुलिस चौकी के आसपास के पेड़ों की कटान कराई है। जिनकी कीमत करीब 70 हजार रुपए है। इसमें 35 हजार रुपए मजदूरी खर्चा आया है। इसके अलावा उनके द्वारा कोई लकड़ी नहीं बेची गई है। शेष लकड़ी को आरा मशीन संचालक ने चोरी कर लिया है। उद्योग नगरी में संचालित गुप्ता वुड वर्क्स के संचालक प्रांशु गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कोई लकड़ी चोरी से नहीं कटवाई है। हमने दो ट्रक लकड़ी ढाई लाख में खरीदी है जिसका भुगतान किया गया है। इसके अलावा तीन ट्रक लकड़ी अन्य ठेकेदारों ने खरीदी है जिसकी अनुमानित कीमत चार लाख बताई जा रही है। इस तरह से करीब 6.50 लाख कीमत की लकड़ी को यूपीसीडा कर्मियों ने बगैर नीलामी के रातों-रात खुर्द बुर्द कर दिया है और चुप्पी साध कर बैठ गए हैं। जांच में गर्दन न फंसने पाए इसके लिए कुछ लकड़ी को यूपीसीडा कार्यालय प्रांगण में डंप कर दिया गया है।फैक्ट्री एरिया पुलिस चौकी इंचार्ज अंकित बैसला ने बताया कि उनके पास अभी तक यूपीसीडा ने कोई शिकायत पेड़ चोरी होने की नहीं की है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।यूपीसीडा के सहायक प्रबंधक बीपी मौर्या ने बताया कि उन्होंने कर्मियों को लकड़ी कटवाकर डंप करने के आदेश दिए थे। अगर बगैर नीलामी की लकड़ी को बेचा गया है तो यह नियम विरुद्ध है। इसकी जांच कराकर दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर लकड़ी चोरी हुई है तो वहां कार्यरत कर्मियों ने चोरी की शिकायत पुलिस से क्यों नहीं की है।

