A2Z सभी खबर सभी जिले की

गुड़ी पाड़वा पर आस्था का संगम: पांढुर्णा में संत तुकाराम महाराज व छत्रपति शिवाजी महाराज की संयुक्त प्रतिमा का भव्य लोकार्पण*

*गुड़ी पाड़वा पर आस्था का संगम: पांढुर्णा में संत तुकाराम महाराज व छत्रपति शिवाजी महाराज की संयुक्त प्रतिमा का भव्य लोकार्पण*

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। हिंदू नववर्ष एवं गुड़ी पाड़वा के पावन अवसर पर पांढुर्णा नगर में धर्म, संस्कृति और समाज का अद्भुत संगम देखने को मिला। महावीर वार्ड स्थित संत तुकाराम महाराज चौक में जगतगुरु संत श्री तुकाराम महाराज एवं राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज की संयुक्त प्रतिमा का विधि-विधान से भव्य लोकार्पण किया गया। इस ऐतिहासिक पहल ने नगर को नई सांस्कृतिक पहचान प्रदान की है।

  • कार्यक्रम की शुरुआत विधिपूर्वक पूजा-अर्चना से हुई, जिसमें विट्ठल भक्त यजमान तुकाराम जी वानखड़े के करकमलों से पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात मंत्रोच्चार के साथ भगवा ध्वज का ध्वजारोहण कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया।
    पांढुर्णा का महाराष्ट्र से सटा होना यहां की सांस्कृतिक विशेषता को और भी समृद्ध बनाता है। मराठी परंपरा, संत परंपरा और भगवान विट्ठल के प्रति अटूट आस्था के चलते संत तुकाराम महाराज की विशेष श्रद्धा यहां के जनमानस में रची-बसी है। ऐसे में संत तुकाराम महाराज और छत्रपति शिवाजी महाराज की संयुक्त प्रतिमा की स्थापना सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
    जगतगुरु संत श्री तुकाराम महाराज सेवा समिति, पांढुर्णा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे, जो इस शुभ अवसर पर साकार हुए। प्रतिमा स्थापना के उपलक्ष्य में नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग पर जयघोष, भजन-कीर्तन और भगवा ध्वजों की छटा देखते ही बन रही थी।
    शोभायात्रा के पश्चात महाप्रसादी (भंडारा) का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम के समापन पर भव्य आतिशबाजी ने पूरे आकाश को रंग-बिरंगी रोशनी से सजा दिया, जिससे पूरा नगर उत्सवमय हो उठा।

  • इस अवसर पर समिति के सदस्य, समाजबंधु एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। प्रतिमा स्थापना के बाद श्रद्धालुओं का तांता दर्शन हेतु लगातार लगा रहा, वहीं नगरवासियों ने इस ऐतिहासिक पहल की सराहना करते हुए इसे पांढुर्णा की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने वाला कदम बताया।
    यह भव्य आयोजन न केवल नगर के प्रमुख मार्ग के सौंदर्य में वृद्धि करता है, बल्कि संत तुकाराम महाराज के इस पवित्र स्थल को पांढुर्णा की एक नई धार्मिक पहचान के रूप में स्थापित करता है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!