मेहमान पक्षियों की राह देख रहा बघेल तालाब, सूना पड़ा वेटलैंडस्वतंत्र
भारत पयागपुर, बहराइच। जनपद के सबसे बड़े वेटलैंड में शामिल बघेल तालाब इस बार प्रवासी पक्षियों के इंतजार में सूना पड़ा है।
कभी यूरोप और अफगानिस्तान से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर आने वाले विदेशी पक्षियों के कलरव से गुलजार रहने वाला यह तालाब अब घास-फूस से पटा है। पक्षियों की संख्या लगातार घटने से पर्यटकों का आकर्षण भी कम हो गया है।
पूर्व जिलाधिकारी अतुल बगाई ने इस तालाब को पक्षी शरणस्थली घोषित कर फूलमती घाट पर पक्षियों की सुरक्षा एवं देखरेख के इंतजाम कराए थे, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद व्यवस्थाएं कमजोर पड़ गईं। इससे पक्षियों के लिए चारा-पानी का संकट खड़ा हो गया।
वन दरोगा कैलाश नाथ शुक्ला ने बताया कि नवंबर से प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू होता है। अभी उनका आना शुरू नहीं हुआ है।
उनकी सुरक्षा के लिए वन विभाग के कर्मचारियों ने निगरानी शुरू कर दी है। Shivam Kashyap
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