हमीरपुर। जनपद में आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न वाल्मीकि मंदिरों, श्रीराम मंदिरों एवं श्री हनुमान जी के मंदिरों में वाल्मीकि रामायण का पाठ, भजन-कीर्तन सहित विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया तथा श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के अवसर पर नगर हमीरपुर स्थित बड़े देव बाबा मंदिर, सुमेरपुर के तपोभूमि हनुमान मंदिर, मौदहा स्थित वाल्मीकि मंदिर, कुरारा स्थित वाल्मीकि मंदिर, राठ के चौपड़ा मंदिर तथा गौहाण्ड के चौपड़ा मंदिर सहित जनपद के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, उनके आदर्शों तथा भारतीय संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया गया।
इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जी के मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। संस्कृति विभाग के पंजीकृत कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। विभिन्न मंदिरों में वाल्मीकि रामायण का पाठ, भजन-कीर्तन एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण भारतीय साहित्य, संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने जनमानस को उनके आदर्शों, नैतिक मूल्यों तथा सामाजिक समरसता के संदेश से जोड़ने का कार्य किया।
