अखंड भारत न्यूज एजेंसी रिपोर्टर होशियार सिंह- सरकारी रिकॉर्ड में एक जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाए जाने का मामला वर्षों बाद भी सुलझ नहीं पाया है। कोसली निवासी सुभाष चंद पुत्र जगमाल का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें वर्ष 2022 से मृत दिखाया जा रहा है।
इसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन भी बंद हो गई। सुभाष चंद का कहना है कि वह स्वयं अधिकारियों के सामने उपस्थित होकर अपने जीवित होने का प्रमाण दे चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया।
सुभाष चंद ने अपनी शिकायत को लेकर जिला प्रशासन माननीय डीसी महोदय रेवाड़ी व एसडीएम कार्यालय कोसली तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष कई बार गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड की इस कथित गलती के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी के साथ-साथ अपनी पहचान और जीवित होने का प्रमाण देने के लिए भी लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।इसलिए कोसली क्षेत्र के व्यक्ति एसडीएम साहब कोसली की कार्यशैली से बहुत ही परेशान व तंग है।उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रिकॉर्ड में तत्काल आवश्यक संशोधन कर उनकी वर्ष 2022 से रुकी वृद्धावस्था पेंशन बहाल की जाए तथा बकाया पेंशन का भुगतान कराया जाए।
मठ की प्राचीन धरोहर को लेकर भी ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों के अनुसार 9 जनवरी 2026 से कोसली के एसडीएम विजय सिंह यादव को बाबा मुक्तेश्वरपुरी मठ की चल-अचल संपत्ति की देखरेख के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासक के तौर पर मठ की संपत्ति और धरोहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी होने के बावजूद प्राचीन धूने से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे प्रकरण में सरपंच रामकिशन जांगड़ा, बाबा शिवपुरी तथा मठ कमेटी/ट्रस्ट से जुड़े संजय कुमार पुत्र बिजेंद्र सिंह की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी, स्टेट विजिलेंस को शिकायत भेजी है। शिकायत में मठ की प्राचीन धरोहर को हुए कथित नुकसान, जेसीबी से की गई खुदाई तथा पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन रेवाड़ी और कोसली प्रशासन सरकारी रिकॉर्ड में जीवित व्यक्ति को मृत दिखाए जाने के मामले में कब तक रिकॉर्ड दुरुस्त करता है और मठ की प्राचीन धरोहर से छेड़छाड़ के आरोपों पर स्टेट विजिलेंस की शिकायत के आधार पर क्या कार्रवाई होती है।
