सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत 29 सितंबर 2026 को सर्वोदय इंटर कॉलेज बखरी बाजार में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान और पोषण अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत शिक्षक एवं बच्चे एक साथ मिलकर प्रांगण में वासदेव स्थान बाबा सैयद स्थान विद्यालय प्रांगण एवं आसपास के कूड़ा और पत्तों को साफ करने के उपरांत स्वच्छ प्रांगण में सम्मिलित सभा आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी कर्मचारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे सबने अपने-अपने विचारों को बच्चों के सामने रखते हुए दिशा निर्देश देने का प्रयास किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य और नाथ तिवारी ने सबको संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता जीवन का एक अभिन्न अंग है । हमें स्वच्छता को अपने दिनचर्या में उतारना चाहिए और इससे एक दूसरों को सिख देना और लेना चाहिए। जिससे भावि पीढ़ी में स्वयं करने की आदत बनेगी और स्वच्छ भारत का संकल्प पूरा होगा।
शिक्षक दिनेश्वर यादव ने कहा कि हमें अपने एवं अपने आसपास के परिवेश को भी स्वच्छ रखना चाहिए ताकि उससे उत्पन्न खतरा से बचा जा सके और यह क्रिया सभी लोगों के दिनचर्या में सम्मिलित हो जाए तो लगभग हर प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।
विज्ञान शिक्षक रामनरेश सिंह एवं असगर अली अंसारी,असलम अली अंसारी ने स्वच्छता को अपने-अपने ढंग से परिभाषित कर उससे होने वाले दुष्प्रभावों को बताया। असगर अली अंसारी ने कहां की स्वच्छता तन की हो मां की हो स्थान की हो परिवार की हो रसोईया स्थान की हो या पूजा स्थान की हो इसलिए आवश्यक है की इन स्थानों की आवश्यकता हमें हर वक्त पड़ती है और यही से स्थिति की तंत्र का उदय होता है।
वातावरण और पर्यावरण जल और वायु सब पर इन स्थानों का असर पड़ता है जिससे बच्चे वृद्ध सभी प्रभावित होते हैं अतः स्वच्छता और पोषण एक दूसरे के पूरक है।
रामनरेश सिंह ने कहा कि आज से ही नहीं आदि से धार्मिक मान्यताओं में इसका स्थान सर्वोपरि
रहा है ।भारतीय अनुष्ठान पूजा पाठ सब स्वच्छता के
आधार थे।
असलम अली अंसारी ने सब को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत हम संकल्प लेते हैं कि इस मिशन को सफल बनाने के लिए गांव घर के बड़े बुजुर्ग और बच्चों को जागरूक करेंगे स्वयं जागरूक होंगे।
शिक्षक राम प्रकाश द्विवेदी के अनुसार स्वच्छता एवं पोषण में बड़ा ही गहरा संबंध है। विज्ञान के शिक्षक असगर अली अंसारी के मत अनुसार थाना और मां की स्वच्छता भी सर्वोपरि है। कहा गया है कि जैसा मन होगा भोजन बनाते वक्त रसोईया का खाने वाले का भी मन उसी तरह होजाता है। अतः पोषण में मन की भी महत्ता शास्त्रों में बताइए गए हैं। और अन्न की भी महत्ता शास्त्रों में बताइए गए हैं।
इस प्रकार विद्यालय के सामाजिक विज्ञान के शिक्षक संस्कृत के शिक्षक उर्दू के शिक्षक गणित अंग्रेजी की गृह विज्ञान की शिक्षाएं अभिषेक कुमार हरि गोविंद शुक्ला अभयानंद दुबे उबैदूररहमान नीतू रविता सभी ने अपने-अपने विचारों को बच्चों तक संप्रेषित किया और एक बार पुनः सभी ने संकल्प लिया कि सेवा संकल्प अभियान स्वच्छता और पोषण अभियान को सफल बनाना हम सब की जिम्मेदारी है।समाज की जिम्मेदारी है और समाज का अगुवा होने के नाते हम इस कार्य को अवश्य करेंगे।
