DEEPAK SHARMA CORRESPONDENCE
आलीराजपुर:- पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के निर्देशन में पूरे जिले में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने हेतु साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत जिला अभियोजन संचालनालय आलीराजपुर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान साइबर सेल आलीराजपुर के दिलीप चौहान द्वारा उपस्थित समस्त वरिष्ठ अभियोजन अधिकारियों को वर्तमान समय में बढ़ रहे डिजिटल अपराधों, उनके जांच के तौर-तरीकों तथा साइबर विवेचना की बारीकियों के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया गया।वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति:अभियोजन संचालनालय में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में मुख्य रूप से उपनिदेशक अभियोजन संचालनालय जिला आलीराजपुर सुश्री प्रेमलता सोलंकी, उपनिदेशक देवेंद्र मीणा, तथा प्रभारी सहायक निदेशक , पीरू सिंह ओहरिया उपस्थित रहे। इनके साथ ही जिले के समस्त अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारीगण (ADPO) एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया।प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:डिजिटल साक्ष्य और नया कानून: साइबर दिलीप चौहान द्वारा नए कानून 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA)' की धारा 63 के तहत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों (जैसे सीडीआर, आईपीडीआर, मनी ट्रेल) के प्रमाणीकरण और कोर्ट में उनकी स्वीकार्यता के संबंध में तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट किया गया।नवीनतम साइबर फ्रॉड की कार्यप्रणाली: प्रशिक्षण में 'डिजिटल अरेस्ट', टेलीग्राम टास्क फ्रॉड, लोन ऐप फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों (Modus Operandi) के बारे में विस्तार से समझाया गया।पुलिस-अभियोजन समन्वय: साइबर अपराधियों को न्यायालय से कड़ी सजा दिलाने और केस को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए पुलिस अनुसंधान और अभियोजन के बीच मजबूत समन्वय पर बल दिया गया।
