
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

स्मृति में धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं को दान…

वंचित समाज के मांगलिक भवन के लिए 2000 वर्गफीट भूमि दी…

मनावर। जिला धार। 80 गांव पाटीदार समाज के वयोवृद्ध एवं प्रतिष्ठित समाजसेवी, पूर्व शक्कर डीलर स्व. हीरालालजी पटेल की स्मृति में गुरुवार को उनके निज ग्राम पाटीदार समाज धर्मशाला वायल में अन्नदान एवं पगड़ी कार्यक्रम आयोजित किया गया। 16 अगस्त 2026 को 96 वर्ष की आयु में उनके निधन के बाद आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक. सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग तथा ग्रामवासी शामिल हुए। सभी ने स्व. पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं समाजसेवा को याद किया।कार्यक्रम में परिवार की ओर से स्व. हीरालालजी पटेल की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं सहित मंदिरों घाट निर्माण और गौशालाओं को दान राशि प्रदान की गई। वहीं ग्राम वायल में वंचित समाज के मांगलिक भवन के निर्माण के लिए 2000 वर्गफीट भूमि दान करने की घोषणा/पहल भी की गई। परिवार की इस पहल की समाजजनों ने सराहना की। स्व हीरालालजी की धर्मपत्नी श्रीमती देवी सीता की सहमति से दानराशी, एवं भुमिदान किया गया।
*पुलिस अधिकारियों ने भी दी श्रद्धांजलि*

स्व. हीरालालजी पटेल के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार, झाबुआ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर बडवानी मनावर एसडीओपी ब्रजेश मालवीय पुरुषोत्तम पाटीदार उपायुक्त इंदौर अनिल पाटीदार डीएसपी नर्मदापुरम विधायक डाँ हिरालाल अलावा पूर्व मंत्री रंजना बघेल भाजपा जिला अध्यक्ष चंचल पाटीदार नगर पालिका अध्यक्ष अजय पाटीदार जिला तहसील दार विजय तलवारे शिक्षा विभाग एसी भरत जाचपुरे बुरहानपुर बीईओ मुन्नालाल ठाकुर प्रतिनिधि शिवराम कन्नौज गणेश जर्मन कपिल सोलंकी, पाटीदार समाज अध्यक्ष राजेंद्र पाटीदार पंच समाज सेवी शिक्षक सरपंच सचिव अन्य गणमान्य लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए स्व. पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।

*सरलता और सेवा भावना के लिए रहे पहचान*
स्व. हीरालालजी पटेल ग्राम वायल के प्रतिष्ठित पटेल (डीलर) परिवार के वरिष्ठ सदस्य थे। धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। सरल, सहज एवं मिलनसार व्यक्तित्व के कारण समाज और क्षेत्र में उनका विशेष सम्मान था। उनके निधन से परिवार, समाज, परिचितों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। स्व. हीरालालजी अपने पीछे भरापूरा परिवार और सेवाभावी एवं आत्मीय व्यवहार की अनेक स्मृतियां छोड़ गए हैं। वे प्रगतिशील किसान देवराम पाटीदार, सेवानिवृत्त शिक्षक शोभाराम पाटीदार, तुकाराम पाटीदार तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं ग्राम पंचायत वायल के उपसरपंच दिनेश पटेल के पिता थे। सामाजिक प्रतिष्ठा और समाजसेवा में सक्रिय भूमिका के कारण पटेल परिवार का क्षेत्र में विशेष सम्मान रहा है।

*शिक्षा और धार्मिक कार्यों में भी दिया योगदान*
स्व. हीरालालजी पटेल ने समाजहित में कई उल्लेखनीय कार्य किए। पाटीदार समाज छात्रावास, बड़वानी में विद्यार्थियों के लिए एक कक्ष का निर्माण करवाया इसके अलावा नवीन मां रेवाघाट निर्माण के लिए 31 हजार रुपए तथा सेमल्दा शाँतीधाम निर्माण के लिए 25 हजार नवीन हॉस्पिटल भवरिया मे सहयोग राशि दान स्वरूप प्रदान की थी। उनके सेवा कार्यों का दायरा केवल सामाजिक संस्थाओं तक सीमित नहीं रहा। पाटीदार समाज जिला बड़वानी-धार शिक्षा महासंघ के साथ-साथ विभिन्न मंदिरों एवं गौशालाओं में भी उन्होंने सहयोग और दान दिया। उनके इन कार्यों में समाज के प्रति जिम्मेदारी, धार्मिक आस्था और जरूरतमंदों की सहायता की भावना स्पष्ट दिखाई देती थी।

*बड़ी संख्या में पहुंचे समाजजन*
अन्नदान एवं पगड़ी कार्यक्रम में क्षेत्र के संत महात्मा जनप्रतिनिधि, पाटीदार समाज के पदाधिकारी एवं वरिष्ठजन, सामाजिक संगठन, ग्रामवासी, पत्रकार, व्यापारी ग्रामवासी पंच सरपंच तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। परिवार के सदस्यों एवं निकटजनों ने नम आंखों से स्व. हीरालालजी पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. हीरालालजी पटेल का जीवन सामाजिक संबंधों, धार्मिक आस्था, सरलता, सेवा भावना और आत्मीय व्यवहार का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज एवं क्षेत्र के लिए जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

*स्मृतियां हमेशा रहेंगी जीवित*
समाजजनों ने कहा कि स्व. हीरालालजी पटेल भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके सेवाभावी कार्य और सरल व्यक्तित्व की स्मृतियां हमेशा जीवित रहेंगी। उन्होंने परिवार और समाज के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाया। उनके द्वारा शिक्षा, धार्मिक स्थलों, घाट निर्माण, मंदिरों, गौशालाओं एवं सामाजिक कार्यों में दिया गया योगदान उनकी प्रेरणादायी विरासत का हिस्सा रहेगा। इस अवसर पर परिजनों, समाजजनों एवं क्षेत्रवासियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

