*दीपावली से पहले अम्बेडकरनगर में खाद्य सुरक्षा का छापा चुनिंदा दुकानदारों पर मेहरबानी?*
अम्बेडकरनगर।
दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए आम लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के नाम पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जनपद में विशेष अभियान चलाया। आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया और अपमिश्रण के संदेह में मिठाई व खोया के कुल 13 नमूने एकत्र कर खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेज दिए।निरीक्षण के दौरान अस्वच्छ अवस्था में रखी 13 किलो रंगीन परवल मिठाई, 16 किलो बर्फी और 20 किलो खोया को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। साहू किराना स्टोर, फतेहपुर पकड़ी पर रंग की अत्यधिक मात्रा वाली करीब 188 किलो रंगीन चीनी मिठाई को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया।नमूने इन प्रतिष्ठानों से लिए गए—साहू किराना स्टोर फतेहपुर पकड़ी, भगवती मिष्ठान भंडार भीटी, आकाश स्वीट हाउस सम्हरिया, माही स्वीट्स सम्हरिया, अंकुर डेयरी बेलहरी, अराध्या स्वीट्स बरियावन, हर्ष स्वीट्स बसखारी, गौतम स्वीट हाउस पदुमपुर, कालीदास बंगाली स्वीट हाउस पदुमपुर, वैष्णवी स्वीट्स हीरापुर, जय विश्वास नेहरूनगर टांडा और बंगाली स्वीट्स त्रिमुहानी बाजार।प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद अपमिश्रण साबित होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र वर्मा के साथ अमित कुमार पांडेय, चंद्र प्रकाश यादव, नसीम खान, ओम प्रकाश और संतोष कुमार वर्मा शामिल रहे। सहायक आयुक्त (खाद्य) श्रवण कुमार त्रिपाठी ने इसकी जानकारी दी।लेकिन इस पूरे अभियान ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। छोटे और मझोले दुकानदारों पर तो छापे मारे गए, सैंपल लिए गए और माल नष्ट-जब्त किया गया, जबकि नामी-गिरामी बड़े मिठाई भंडारों और बड़े दुकानदारों की दुकानों पर न तो सैंपलिंग हुई और न ही कोई छापा पड़ा। दीपावली जैसे त्योहार पर जब बड़े प्रतिष्ठानों से भी भारी मात्रा में मिठाई बिकती है, तब क्या सिर्फ छोटे दुकानदार ही अपमिश्रण के आरोपी हैं? क्या विभाग की मेहरबानी सिर्फ बड़े दुकानदारों पर बरस रही है? आम लोगों में गुस्सा है कि शुद्ध मिठाई सुनिश्चित करने के लिए बड़े-बड़े नामी प्रतिष्ठानों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए, वरना यह अभियान अधूरा और पक्षपाती ही माना जाएगा।
