*शैक्षिक अभिलेखों की जांच और एस टी एफ की संभावित पड़ताल ने जनपद के शिक्षकों की बढ़ाई बेचैनी*
*अम्बेडकरनगर।* प्रदेश के करीब 5,500 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच और एसटीएफ की संभावित पड़ताल की खबरों के बीच अम्बेडकरनगर जिले में शिक्षकों के बीच हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को आलापुर, टांडा, भीटी, जलालपुर और अकबरपुर तहसीलों में नोटरी शपथपत्र बनवाने के लिए शिक्षकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तहसील परिसरों में शिक्षकों की आवाजाही और नोटरी अधिवक्ताओं के यहां लगी भीड़ चर्चा का विषय बनी रही।
बताया जा रहा है कि आरटीआई के तहत एक व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों की छायाप्रतियां मांगी हैं। इसी प्रकरण को लेकर शिक्षकों से शपथपत्र बनवाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। वहीं, पूरे मामले में एसटीएफ द्वारा भी शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच किए जाने की बात सामने आ रही है।
शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी, डीएलएड और अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्रों को लेकर विभागीय स्तर पर अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया तेज होने से शिक्षा विभाग में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रदेशभर के शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच में क्या सामने आएगा? क्या फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने वालों की पहचान हो सकेगी? फिलहाल नोटरी शपथपत्र बनवाने के लिए तहसीलों में उमड़ी शिक्षकों की भीड़ ने इस पूरे प्रकरण को और सुर्खियों में ला दिया है।
