*माँ-बाप संग 30 फीट ऊंचे श्रवण कुमार! 1.50 करोड़ से बदलेगी श्रवण धाम की सूरत, पर्यटन का बनेगा नया हॉटस्पॉट*
अम्बेडकरनगर/कटेहरी
श्रद्धा और भक्ति की भूमि श्रवण धाम अब पर्यटन के नक्शे पर चमकने वाला है। चिउटीपारा स्थित इस प्रसिद्ध धाम में माता-पिता के साथ श्रवण कुमार की 30 फीट ऊंची विशालकाय प्रतिमा स्थापित की जाएगी और परिसर में आकर्षक पार्क का निर्माण भी होगा। इन महाकाय कार्यों पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च होने वाले हैं। संशोधित प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिलते ही काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा।श्रवण धाम की कहानी पुरानी है। पहली प्रतिमा वर्ष 1985 में स्थापित हुई थी। वर्ष 1991 में तत्कालीन विधायक व मंत्री स्वर्गीय अनिल तिवारी के प्रस्ताव पर पांच लाख रुपये खर्च कर मंदिर का जीर्णोद्धार और समाधि स्थल बनवाया गया था। पिछले तीन वर्षों में ही लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये विकास कार्यों पर झोंके जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद यहां भगवान राम, शिव और बजरंगबली की प्रतिमाएं भी स्थापित कराई गईं। एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय के मुताबिक उनके प्रस्ताव पर 17 मार्च 2026 को विकास कार्यों के लिए 3.76 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिनमें करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं। शेष जरूरतों को देखते हुए पर्यटन विभाग ने नई कार्ययोजना तैयार कर पार्क, विशाल प्रतिमा और अन्य आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया है। प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए पार्क का डिजाइन खास तरीके से तैयार किया जा रहा है। इसमें नदी के प्राकृतिक प्रवाह से बिना छेड़छाड़ किए हरित क्षेत्र विकसित होगा। बाढ़ सहने वाली घास, पौधे और बांस की बाड़ लगाई जाएगी। तट पर पत्थर पिचिंग और जियो-टेक्सटाइल बिछाने की भी योजना है, जिससे मिट्टी का कटाव रोका जा सके। प्रस्ताव में प्रवेश द्वार, हरित घेरा, बांस की बाड़, कूड़ेदान, इंटरलॉकिंग रास्ते, दिशा-सूचक बोर्ड, पौधरोपण, आरसीसी पुलिया और चमकदार प्रकाश व्यवस्था शामिल हैं। सिर्फ लाइटिंग पर ही करीब 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।स्थानीय लोगों का मानना है कि माता-पिता के साथ श्रवण कुमार की विशाल प्रतिमा स्थापित होने से धाम की अलग पहचान बनेगी। पार्क विकसित होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा नई पीढ़ी को श्रवण कुमार की अद्वितीय मातृ-पितृ भक्ति से प्रेरणा मिलेगी। श्रवण धाम जल्द ही श्रद्धा, पर्यटन और प्रेरणा का नया केंद्र बनने वाला है।
