बस स्टेशनों के शौचालय अस्वच्छ पाए जाने पर विभागएसटी नियंत्रक जिम्मेदार; परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की कड़ी चेतावनी। ग्लोबल न्यूज विशेष रिपोर्ट
• जिला रिपोर्टर: काशीनाथ देसले, ठाणे।
• तालुका रिपोर्टर: किशोर पवार, मुरबाड। • विशेष वार्ता, दिनांक: 26 अक्टूबर 2026।
मुंबई/ठाणे:
एसटी बस स्टेशनों के शौचालयों (Restrooms) की स्वच्छता बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ऐसी सीधी और कड़ी चेतावनी राज्य के परिवहन मंत्री तथा महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि बस स्टेशनों पर गंदगी पाई गई, तो इसके लिए सीधे संबंधित विभाग नियंत्रकों (Divisional Controllers) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
वे निगम के मुख्यालय में आयोजित स्वच्छता समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। 2 रुपये स्वच्छता अधिभार लेते हैं, तो सुविधाएं क्यों नहीं?
बैठकी में बोलते हुए परिवहन मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास ली। सरनाईक ने जोर देकर कहा, "हम आम यात्रियों से टिकट दर के साथ दो रुपये स्वच्छता अधिभार (Cess) वसूलते हैं।
यात्री भी यह राशि ईमानदारी से चुकाते हैं। इसलिए, यात्रियों को न्यूनतम स्वच्छता सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।" उन्होंने यह भी खेद व्यक्त किया कि बस स्टेशनों के शौचालय अस्वच्छ रहने से इसका सीधा असर एसटी निगम की छवि पर पड़ता है।
ठेकेदारों पर जिम्मेदारी टालने से काम नहीं चलेगा! परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि केवल ठेकेदार संस्थाओं पर जिम्मेदारी डालकर अधिकारी मुक्त नहीं हो सकते।
आधिकारिक समझौतों के अनुसार ठेकेदारों से ठीक से सफाई करवाना और अपने कार्यक्षेत्र में स्वच्छता पर खुद नजर रखना अधिकारियों का कर्तव्य है। इसके लिए उन्होंने शौचालयों का नियमित निरीक्षण (Inspection) करने के आदेश दिए हैं।
यात्रियों को सुरक्षित, सुखद यात्रा के साथ-साथ स्वास्थ्यप्रद सुविधाएं देना एसटी प्रशासन की बुनियादी जिम्मेदारी है, और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी, ऐसी चेतावनी इस बैठक में दी गई। इस बैठक में निगम के सभी विभाग प्रमुख, क्षेत्रीय प्रबंधक और विभाग नियंत्रक उपस्थित थे।
