📰 AKHAND BHARAT NEWS
नई दिल्ली: सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे की मांग वाली 2016 की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एमिकस क्यूरी विजय हंसारिया ने अदालत से मामले की शीघ्र सुनवाई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले को सूचीबद्ध किया जाएगा।
हलफनामे में सामने आए आंकड़े
हलफनामे के मुताबिक, 543 लोकसभा सांसदों में 251 और 233 राज्यसभा सदस्यों में 75 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। सांसदों और विधायकों से जुड़े 4,000 से अधिक मामले लंबित बताए गए हैं।
वहीं, 28 में से 14 मुख्यमंत्रियों ने भी अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी घोषित की है।
सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देश
9 नवंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों की निगरानी के लिए हाईकोर्टों में विशेष पीठ गठित करने, मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता देने और विशेष अदालतों में अनावश्यक स्थगन से बचने के निर्देश दिए थे।
महत्वपूर्ण: किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना दोष सिद्ध होना नहीं है। दोषसिद्धि का निर्णय अदालत करती है।
🔴 AKHAND BHARAT NEWS FLASH
लोकसभा: 251 सांसदों पर मामले
राज्यसभा: 75 सदस्यों पर मामले
लंबित मामले: 4,000 से अधिक
मुख्यमंत्री: 14 ने मामले घोषित किए
AKHAND BHARAT NEWS — निष्पक्ष • विश्वसनीय • ताजा समाचार
