सरकारी अस्पताल परिसर से बिना अनुमति काट दिया विशाल पेड़, विभाग बेखबर
बरेली /राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय परिसर राजपुर कलां में हरे-भरे पेड़ों पर बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से कुल्हाड़ी चलाने का गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल प्रांगण में खड़े एक विशालकाय यूकेलिप्टस के पेड़ को गुपचुप तरीके से काट दिया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस मनमानी की भनक न तो ग्राम प्रधान को है और न ही वन, स्वास्थ्य अथवा राजस्व विभाग के जिम्मेदार अफसरों को। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह कुछ लोगों ने अस्पताल परिसर में घुसकर अचानक पेड़ को काट दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत के चलते आंधी-बारिश का बहाना बनाकर लगातार अस्पताल परिसर से कीमती पेड़ ठिकाने लगाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि करीब 35 वर्ष पूर्व अस्पताल परिसर में छाया और हरियाली के लिए यूकेलिप्टस के पौधे लगाए गए थे, जो वर्तमान में काफी कीमती और विशालकाय हो चुके हैं।
पहले भी गायब हो चुकी है सरकारी संपत्ति
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में चिकित्सालय के विस्तृत प्रांगण में पांच कमरों का आवासीय भवन भी मौजूद था, जिसका अस्तित्व अब लगभग मिटा दिया गया है। करीब छह माह पूर्व एक ठेकेदार ने उसी भवन की ईंटों से एक हिस्से की चहारदीवारी कर दी थी।
उस दौरान भी दायरे में आए कई कीमती पेड़ों को बिना किसी मूल्यांकन और अनुमति के काटकर मोटी रकम कमाई गई थी। उस बाउंड्री के पीछे बचे अस्पताल के क्षेत्रफल में अभी भी कई पेड़ खड़े हैं, जिनमें से एक विशाल पेड़ को बृहस्पतिवार सुबह काट लिया गया।
अस्पताल प्रभारी छुट्टी पर, चपरासी ने दी सूचना
सूत्रों के अनुसार अस्पताल की प्रभारी डॉ. निहारिका वर्तमान में अवकाश पर हैं।
उनकी ओर से पेड़ काटने या नीलामी को लेकर कोई निर्देश या आदेश जारी नहीं किया गया था। अस्पताल में तैनात चपरासी जयपाल ने बताया, "सुबह जब मैं ड्यूटी पर पहुंचा तो पेड़ कटा हुआ पाया।
इसकी सूचना मैंने तुरंत केंद्र प्रभारी को दे दी है मुझे परिसर में खड़े इन पेड़ों को काटे जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है
ग्राम प्रधान, राजपुर कलां
अस्पताल परिसर में पेड़ काटे जाने की कोई आधिकारिक सूचना या पत्र विभाग को नहीं मिला है। मामले की तहकीकात कराई जाएगी।
डॉ. राजकिशोर, स्वास्थ्य क्षेत्र अधिकारी
बिना वैध परमिशन के सरकारी परिसर से पेड़ काटना वन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। मौके की जांच कर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ए.के. गंगवार, वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर)
