8 अक्टूबर को बताया ‘भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस’, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा की उठाई मांग…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस के निर्देशानुसार महिला कांग्रेस धार की ओर से लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सहित निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में 8 अक्टूबर 2026 को “भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस” बताते हुए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों की निष्पक्ष एवं संवैधानिक तरीके से जांच कराने की मांग की गई।
महिला कांग्रेस उमरबन ब्लॉक अध्यक्ष सुमन पटेल बर्मन ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती संविधान, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था तथा जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर निर्भर करती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक का मत महत्वपूर्ण है, इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार के गंभीर प्रश्न उठने पर उनका निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत परीक्षण होना आवश्यक है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी तथा INDIA गठबंधन के सांसदों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया एवं कथित “वोट चोरी” से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है। महिला कांग्रेस ने कहा कि ऐसे मामलों का निष्पक्ष परीक्षण होने से आम नागरिकों का लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास कायम रहेगा।
*मताधिकार की सुरक्षा पर जोर*
महिला कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की कि निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित उठाए गए गंभीर प्रश्नों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं की संवैधानिक गरिमा एवं स्वतंत्रता की रक्षा, प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि विपक्ष एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए जा रहे संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मुद्दों पर उचित संज्ञान लिया जाए तथा देश के लोकतंत्र में जनता के विश्वास को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक संवैधानिक कदम उठाए जाएं।
महिला कांग्रेस ने राष्ट्रपति से उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में संबंधित संस्थाओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा।
