DEEPAK SHARMA CORRESPONDENT
अलीराजपुर:- आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने जिले में कथित अवैध शराब कारोबार, गुजरात से हो रही शराब की तस्करी तथा पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में छोटे और गरीब लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े शराब कारोबारियों को कथित रूप से संरक्षण मिल रहा है।
महेश पटेल ने कहा कि अलीराजपुर जिले के सोरवा, चांदपुर, झाड़ोली, छकतला, अंधारकांच और कठ्ठीवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार संचालित होने की शिकायतें हैं। उनके अनुसार, गुजरात से आने वाले वाहनों के माध्यम से रात के समय शराब की आवाजाही हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर उठाए सवाल
महेश पटेल ने आरोप लगाया कि सोरवा और चांदपुर थाना क्षेत्रों से शराब से भरे वाहन निकल रहे हैं और संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी में यह कारोबार चल रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर जिले में बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। छोटे दुकानदारों और गरीब आदिवासियों को परेशान करने के बजाय बड़े शराब कारोबारियों के खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
सीसीटीवी फुटेज और परमिट की जांच की मांग
महेश पटेल ने कहा कि अलीराजपुर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जाए, ताकि रात के समय आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की पहचान हो सके। उन्होंने रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच दो वाहनों के आने और वापस चले जाने की घटना का उल्लेख करते हुए संबंधित रिकॉर्ड और परमिट की जांच की मांग की।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि शराब परिवहन से जुड़े परमिट, वाहनों की आवाजाही और आबकारी विभाग के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कुक्षी का राधेश्याम गढ़वाल सहित संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग भी उठाई। उनके अनुसार, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।
महेश पटेल ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए तथा किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
आठ दिन में कार्रवाई नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
महेश पटेल ने जिला प्रशासन और कलेक्टर को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आठ दिन के भीतर अवैध शराब कारोबार और कथित मिलीभगत के मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आदिवासी समाज के महिला-पुरुषों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई गरीब आदिवासियों को न्याय दिलाने और जिले को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त कराने की है। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
महेश पटेल ने कहा कि अलीराजपुर, जोबट, कठ्ठीवाड़ा, छकतला और फूलमाल सहित जिले के किसी भी क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को दोहरी नीति छोड़कर बड़े कारोबारियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
