जौनपुर। जनपद जौनपुर की बक्शा थाना पुलिस ने राजस्थान निवासी एक व्यक्ति से 41 लाख रुपये की लूट के मामले का मात्र कुछ ही घंटों में सफल अनावरण कर दिया है।
पुलिस ने मुख्य अभियुक्त अधिवक्ता को लूट में प्रयुक्त वैगनआर कार और 35 लाख रुपये नगद के साथ गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका दूसरा साथी फरार है। जमानत कराने आया था पीड़ित, वकील ने विश्वास में लेकर लूटा
राजस्थान के बीकानेर (थाना शेरुणा) निवासी जयपाल शर्मा जिला कारागार वाराणसी में बंद अपने छोटे भाई की जमानत कराने के लिए आए थे।
इस दौरान उनकी मुलाकात खुद को हाईकोर्ट का वकील बताने वाले अभिनव सिंह (निवासी जमऊपट्टी, सिंगरामऊ, जौनपुर) से हुई। अभिनव ने बातचीत बढ़ाकर जयपाल का भरोसा जीत लिया।
गत 5 सितंबर को वाराणसी सेशन कोर्ट में औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जयपाल को कुछ परिचितों से रकम लेने जौनपुर जाना था। वकील अभिनव अपनी वैगनआर कार (UP70HL5218) से जयपाल को जौनपुर लाया, जहां जयपाल ने दो परिचित व्यापारियों से कुल 41 लाख रुपये नगद लिए और बैग में रख लिए।
वापसी के समय सद्भावना ब्रिज के पास अभिनव का साथी उपदेश पाठक (निवासी कुड़वार, सुल्तानपुर) भी कार में सवार हो गया। पिस्तौल का खौफ दिखाकर बैग छीना और हाईवे पर धकेला
वाराणसी लौटते समय दोनों अभियुक्तों ने कार को मोड़ लिया और जयपाल का मोबाइल छीन लिया।
विरोध करने पर जान से मारने व पिस्तौल मंगाने की धमकी देकर करीब 20-30 किलोमीटर तक इधर-उधर घुमाया गया। अंततः वाराणसी टोल प्लाजा से पहले बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीन लिया और जयपाल को धक्का देकर फरार हो गए।
डीआईजी के निर्देश पर 24 घंटे में एक्शन, टीम को 50 हजार का इनाम
पीड़ित ने 16 सितंबर को डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिस पर संज्ञान लेते हुए डीआईजी ने एसएसपी जौनपुर को 24 घंटे के भीतर सख्त विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए। एसएसपी कुँवर अनुपम सिंह के पर्यवेक्षण व एएसपी नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में बक्शा पुलिस ने 20 सितंबर को मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस टीम ने श्री नारायण सिंह इंटर कॉलेज (सराय हरखू) के पास से मुख्य आरोपी अभिनव सिंह को कार सहित गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से लूटे गए 35 लाख रुपये नगद और अन्य सामान बरामद हुआ।
पूछताछ में उसने बताया कि बाकी के 6 लाख रुपये उसने अपने निजी कामों में खर्च कर दिए। वाहन के कागजात न होने पर कार को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने घटना का अल्प समय में पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 50,000 रुपये नगद पुरस्कार और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। फरार अभियुक्त उपदेश पाठक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।