
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा/हमीरपुर। लंबे समय से सूखे जैसे हालात से जूझ रहे किसानों के चेहरे इस बार हुई बारिश के बाद खिल उठे थे। किसानों ने उम्मीद के साथ उरड़, मूंग, तिल सहित विभिन्न दलहन और तिलहन फसलों की बुवाई की, लेकिन अब अन्ना गोवंश किसानों की मेहनत पर पानी फेरने में जुटे हैं। खेतों में घुस रहे अन्ना पशुओं से फसलों को बचाने के लिए किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि किसान परिवार बारी-बारी से खेतों में पहरा दे रहे हैं।
मौदहा विकासखंड के रतौली गांव के दर्जनों किसानों ने अन्ना गोवंश की समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी के नाम तहसीलदार महेंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की कि गांव में घूम रहे अन्ना पशुओं को तत्काल पकड़कर गौशालाओं में संरक्षित कराया जाए, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें।
बारिश के बाद दलहन-तिलहन की बुवाई से खिले थे किसानों के चेहरे, अब फसलों की रखवाली बनी बड़ी चुनौती
किसानों का कहना है कि अन्ना गोवंश खेतों में घुसकर उरड़, मूंग और तिल की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक समस्या को लेकर ग्राम पंचायत सचिव और पड़ोसी गांव पारा के ग्राम प्रधान से भी शिकायत की गई, लेकिन अभी तक प्रभावी समाधान नहीं हो सका है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बारिश ने जगाई उम्मीद, अन्ना पशुओं ने बढ़ाई चिंता
ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ष बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने जैसे-तैसे खेतों की तैयारी कर दलहन और तिलहन की बुवाई की। बारिश होने के बाद अच्छी फसल की उम्मीद जगी थी, लेकिन अन्ना पशुओं के झुंड खेतों में पहुंचकर किसानों की मेहनत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान कहते हैं कि एक ओर महंगी खाद, बीज और डीजल का खर्च बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर फसल बचाने के लिए रात-रातभर खेतों में जागना पड़ रहा है।
रतौली ही नहीं, बल्कि लरौंध, भमौरा, नारायच और मदारपुर समेत क्षेत्र के तमाम गांवों में किसान अन्ना पशुओं की समस्या से परेशान बताए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने प्रभावी कदम नहीं उठाया तो तैयार हो रही फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
पूरे बुंदेलखंड के किसान के सामने बड़ी चुनौती
किसानों का कहना है कि अन्ना गोवंश की समस्या अब किसी एक गांव तक सीमित नहीं रह गई है। बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अन्ना पशुओं के खुले में घूमने से किसानों को अपनी फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। दिन में खेती और रात में खेतों की रखवाली के कारण किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
वहीं किसान यूनियन के हमीरपुर जिलाध्यक्ष शिव पूजन निषाद और उनकी टीम भी किसानों की इस समस्या को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव-गांव अभियान चलाकर अन्ना पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में संरक्षित कराया जाए और गौशालाओं की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि किसानों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
ज्ञापन देने वालों में बालेंद्र सिंह, मेड़ेलाल अहिरवार, अरुण कुमार, जगभान सिंह, दिलीप कुमार सहित दो दर्जन से अधिक किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

