

निवाली/बड़वानी:आशा एवं ऊषा महिला संगठन द्वारा जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान कार्यकर्ताओं पर काम करने का दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। संगठन ने विकासखंड चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस पर आपत्ति दर्ज कराई है।संगठन के अनुसार 20 मई 2026 को मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों को हड़ताल की पूर्व सूचना दी जा चुकी थी। इसके बावजूद आशा सुपरवाइजरों द्वारा फोन एवं अन्य माध्यमों से कार्यकर्ताओं पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है।कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें लंबे समय से पूर्ण प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है, भुगतान किश्तों में होने के कारण वास्तविक हिसाब नहीं मिल पाता। साथ ही वर्ष 2023 में घोषित 1000 रुपये वेतन वृद्धि का लाभ भी अभी तक नहीं मिला है।संगठन ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें सरकार से हैं, न कि स्थानीय अधिकारियों या सुपरवाइजरों से। जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष सविता चौहान, सनवाई डावर, गीता अहिरे, निशा चौहान, कला बड़वे सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।