गणेश पाण्डे , अखंड भारत समाचार डिण्डौरी
डिंडौरी सामुदायिक पुलिसिंग प्रभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पुलिस विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद योजना के अंतर्गत शासकीय चन्द्रविजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डिण्डौरी में 27 अक्टूबर को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 250 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
इस दौरान विद्यार्थियों को मानव अधिकार, संवैधानिक साक्षरता, आपराधिक न्याय व्यवस्था, महिला एवं बाल सुरक्षा कानून, जेंडर संवेदनशीलता, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, नशा एवं हिंसा निवारण, डायल-112, मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या रोकथाम तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में युवाओं की भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई।योजना के अगले चरण में 28 अक्टूबर 2026 को विद्यार्थियों को थाना कोतवाली डिण्डौरी का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के निराकरण तथा साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों से अवगत कराया गया।
थाना भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना तथा पुलिस एवं युवाओं के बीच संवाद, सहयोग और विश्वास को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में कानून के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, साइबर एवं सड़क सुरक्षा के प्रति सजगता और सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
इस प्रकार की पहल युवाओं को जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा धर्मेन्द्र सिंह, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शहपुरा अजय तिवारी, यातायात थाना प्रभारी रक्षित निरीक्षक सुभाषचन्द्र उइके, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गाप्रसाद नगपुरे, रक्षित निरीक्षक अभिनव राय, निरीक्षक संजय सिंह धुर्वे, निरीक्षक (अ) मनोज कुमार धुर्वे, उप निरीक्षक श्रीमती गंगोत्री तुरकर, प्रधान आरक्षक मुकेश प्रधान, महिला आरक्षक श्रीमती भगवती रावत एवं महिला आरक्षक श्रीमती अंजली उइके तथा उच्च शिक्षा विभाग से वरिष्ठ प्राध्यापक पी.सी.
उइके, सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता श्याम, सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र गवले एवं खेल अधिकारी मो.
आमिर खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
