*डबल इंजन सरकार की उड़ाई गई धजिया स्वास्थ्य मंत्री अधिकारी प्रशासन का ध्यान कहां रालमो नेता अनिस कुमार ओझा*
*मीरजापुर के शिवगढ़ में अस्पताल उद्घाटन से पहले खंडहरः नोडल अधिकारी लागत बताने से कतराए, बुनियादी सुविधाएं भी नदारद मिलीं*
*जनपद मीरजापुर से सहायक ब्यूरो चीफ अजय कुमार मौर्या की खास रिपोर्ट*
*जनपद मीरजापुर*
मीरजापुर के विकासखंड पहाड़ी के शिवगढ़ हिनौती में लाखों की लागत से बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते आज खंडहर में तब्दील हो रहा है। निर्माण के समय से ही मानकों की अनदेखी के कारण उद्घाटन से पहले ही यह इमारत बदहाल होती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक सुस्ती और ठेकेदार की मनमानी से जनधन का भारी नुकसान हुआ है।लापरवाही की इंतहाः लागत बताने से कतरा रहे नोडल अधिकारी इस प्रकरण में योजना के नोडल अधिकारी डॉ. वीके चौधरी का रवैया अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना रहा है। जब उनसे निर्माण लागत और अस्पताल के हैंडओवर न होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेतुका जवाब दिया कि "अस्पताल बन गया है, लागत बताना जरूरी नहीं है।" वहीं, हैंडओवर के सवाल पर वे सीएमओ पर ठीकरा फोड़कर फोन काटते नजर आए। सूत्रों के मुताबिक, निर्माण के दौरान किसी अधिकारी ने कभी मौके का निरीक्षण नहीं किया और सब कुछ भ्रष्ट ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव, सीवेज और पानी की निकासी ठप रालमो नेता अनिस कुमार ओझा ने बताया की अस्पताल भवन में किस स्तर की धांधली हुई है, इसकी पोल प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद सिंह के बयानों से खुलती है। उन्होंने स्वीकार किया है कि अस्पताल में पानी की निकासी और सीवेज सिस्टम जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का सरासर अभाव है। बिना जल निकासी के भवन खड़ा करना महज कागजी खानापूर्ति और भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रदेश महासचिव एवं पूर्व प्रदेश मिडिया प्रभारी अनिस कुमार ओझा अवनीश ने बताया की
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के सरकारी दावे शिवगढ़ हिनौती में दम तोड़ रहे हैं। जनता के पैसे को बर्बाद करने वाले इस नाकारा ठेकेदार और सवालों से मुंह मोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर यदि जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह खंडहर में तब्दील होता भवन प्रशासनिक दावों की पोल हमेशा खोलता रहेगा।