संवाददाता निलेश कलसकर अखंड भारत न्यूज़ पांढुरना
पांढुर्णा, 1 अक्टूबर 2026 / जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनवाड़ियों में पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इस संदेश पर ही सवाल खड़े कर रही है। पांढुर्णा जिले की अधिकांश आंगनवाड़ियों में पानी की समुचित व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं है। केंद्रों के ऊपर पानी की टंकियां तो लगाई गई हैं, जिन पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च हुए, परंतु वे टंकियां जब से लगी हैं, तब से शायद एक बार भी भरी नहीं गईं। आज हाल यह है कि टंकियां ऊपर धूप खा रही हैं, सड़ रही हैं और पूरी तरह खाली पड़ी हैं।
किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र में जाकर देख लीजिए, एक-आध को छोड़कर हर जगह यही तस्वीर नजर आएगी। स्वच्छता और पोषण की बात करने वाले इन केंद्रों में बच्चों और माताओं के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक विषय है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर ध्यान देगा और पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगा?
वहीं, कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम पाटई, बडचिचोली, भटेवाड़ी, ढोलनखापा, घोघरी, गोविंदपुर एवं देवखापा में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ी माताओं, बच्चों एवं ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान माताओं एवं ग्रामीण महिलाओं को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं समुचित विकास की जानकारी दी गई। बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार देने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण कराने तथा आंगनवाड़ी केंद्र की सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी केंद्रों को आकर्षक रूप से सजाया गया था। माताओं एवं बच्चों के साथ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेश दिए गए। महिलाओं को बच्चों की देखभाल, स्वच्छता एवं पोषणयुक्त आहार के महत्व के बारे में भी बताया गया।
इन कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले तथा बड़ी संख्या में माताएं, बच्चे एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
