4 से 10 अक्टूबर तक सप्त दिवसीय आयोजन, सुबह रुद्र महायज्ञ और दोपहर में… श्रीमद्भागवत कथा; मंदिरों में अर्पित किए प्रथम आमंत्रण पत्र, तैयारियां तेज….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। पितृपक्ष अर्थात सोलह श्राद्ध के पावन अवसर पर पितरों की मोक्ष प्राप्ति, आध्यात्मिक चेतना एवं धर्म-संस्कृति के प्रति जनजागरण के उद्देश्य से मनावर में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। वेदांत दर्शन सेवा समिति, तपोवन धाम के संचालक एवं संस्थापक स्वामी श्री अखंडानंद जी महाराज के तत्वावधान में होने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
आयोजन 4 अक्टूबर रविवार से 10 अक्टूबर शनिवार 2026 तक बंकनाथ मंदिर के सामने, सिंघाना रोड, मनावर स्थित कथा स्थल पर होगा। राष्ट्रीय कथा वाचिका सुश्री जया देवी जी (बैतूल) प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का रसपान कराएंगी। वहीं सुबह 7 से 11 बजे तक यज्ञानुष्ठान एवं रुद्र महायज्ञ संपन्न होगा।
*कलश यात्रा से होगा सप्त दिवसीय आयोजन का शुभारंभ*
धार्मिक आयोजन का शुभारंभ 4 अक्टूबर रविवार को सुबह 7 बजे कलश यात्रा के साथ होगा। कलश यात्रा बंकनाथ मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर कथा स्थल तक पहुंचेगी। इसके बाद विधिवत यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ किया जाएगा।
आयोजन को लेकर नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। आयोजकों द्वारा धर्मप्रेमी नागरिकों से सहपरिवार कथा एवं यज्ञ में शामिल होकर धार्मिक आयोजन का लाभ लेने का आह्वान किया गया है।
*पितृ ऋण, पिंडदान और गौदान के महत्व पर होंगे प्रवचन*
पितृपक्ष में आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से मानव जीवन के आध्यात्मिक एवं नैतिक पक्षों पर प्रकाश डाला जाएगा। कथा के दौरान पितृ ऋण कैसे चुकाएं, पिंडदान का महत्व क्या है, पितृ ऋण में गौदान की भूमिका क्या है तथा विभिन्न तीर्थों की धार्मिक महत्ता जैसे विषयों पर भी प्रवचन होंगे।
आयोजक समिति के अनुसार श्रीमद्भागवत महापुराण मानव जीवन में धर्म, भक्ति, ज्ञान एवं सदाचार का मार्ग प्रशस्त करने वाला महान ग्रंथ है। पितृपक्ष के दौरान कथा एवं यज्ञ का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक साधना और धार्मिक चिंतन का अवसर प्रदान करेगा।
*मंदिरों में अर्पित किए प्रथम आमंत्रण पत्र*
आयोजन की तैयारियों के क्रम में गुरुवार को आयोजन समिति के सदस्यों ने नगर के विभिन्न देवालयों एवं मंदिरों में प्रथम आमंत्रण पत्र अर्पित कर आयोजन के सफल होने की कामना की। इसके साथ ही कथा स्थल एवं यज्ञशाला की तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं।
आयोजन को लेकर हुई बैठक में कथा स्थल, यज्ञशाला, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, यातायात, प्रचार-प्रसार, सेवा व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
*यज्ञशाला और कथा स्थल की व्यवस्थाएं जुटाने में जुटे कार्यकर्ता*
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कथा स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बैठने, पेयजल, स्वच्छता एवं यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं द्वारा समयदान के माध्यम से व्यवस्थाओं में सहयोग किया जा रहा है।
समिति ने नगर एवं आसपास के क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों से आयोजन की तैयारियों में सहयोग करने तथा अपने सुझाव देने की अपील की है। समिति का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
*रुद्र महायज्ञ में यजमान बनने का भी अवसर*
पितृपक्ष के विशेष अवसर पर होने वाले रुद्र महायज्ञ में श्रद्धालुओं को यजमान के रूप में शामिल होने का अवसर भी दिया जाएगा। जोड़े के रूप में यज्ञ में बैठने सहित अन्य आवश्यक जानकारी के लिए आयोजन समिति से संपर्क किया जा सकता है।
यह आयोजन वेदांत दर्शन सेवा समिति द्वारा संचालित सप्तऋषि गौशाला, तपोवन धाम को समर्पित है। आयोजन समिति ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से समय पर कथा स्थल पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा, यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बनने तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया है।
