पहली कोशिश में MPPSC से असिस्टेंट प्रोफेसर बनी निर्मला, आदिवासी अंचल का बढ़ाया मान
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मनावर विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी अंचल की बेटी निर्मला मौर्य ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया में निर्मला का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉमर्स) पद पर हुआ है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल की।
मोरीपुरा अहिरवास क्षेत्र की रहने वाली निर्मला मौर्य साधारण किसान परिवार से हैं। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने शिक्षा को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उनकी सफलता से परिवार के साथ ही क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है।
*खातेगांव के छात्रावास में रहकर की स्कूली पढ़ाई*
निर्मला ने अपनी स्कूली शिक्षा एम फॉर सेवा छात्रावास, खातेगांव (जिला देवास) में रहकर सरकारी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने माता जीजाबाई गर्ल्स पीजी कॉलेज, इंदौर से कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के दौरान भी उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर निरंतर मेहनत जारी रखी।
*माता-पिता ने खेतों में मेहनत की, बेटी ने पढ़ाई में*
निर्मला के पिता मंगल सिंह मौर्य और माता शारदाबाई मौर्य खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने बेटी की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। खेतों में मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले माता-पिता ने बेटी को आगे बढ़ने के लिए पूरा अवसर दिया। माता-पिता के संघर्ष और सहयोग को प्रेरणा बनाकर निर्मला ने भी कठिन परिस्थितियों को अपनी राह में बाधा नहीं बनने दिया।
*NET/SET उत्तीर्ण, Ph.D. भी जारी*
निर्मला ने NET/SET परीक्षा भी उत्तीर्ण की है और वर्तमान में Ph.D. की पढ़ाई जारी है। MPPSC के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर उनका चयन उनके शैक्षणिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
*ग्रामीण बेटियों के लिए बनी प्रेरणा*
निर्मला की उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी सफलता बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, परिवार का सहयोग मिले और मेहनत निरंतर जारी रहे तो बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
खेती-बाड़ी करने वाले माता-पिता की बेटी का उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस मुकाम तक पहुंचना परिवार के संघर्ष, माता-पिता के विश्वास और निर्मला की मेहनत की मिसाल है। परिवारजनों, परिचितों और क्षेत्रवासियों ने निर्मला मौर्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
