मौदहा हमीरपुर । सामाजिक न्याय एवं वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं संविधानवादी साथियों ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर वंचित, पिछड़े, अति-पिछड़े, दलित एवं आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक उत्थान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपते हुए संदीप वाल्मीकि ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता, सामाजिक न्याय और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार देता है।
इसके बावजूद वंचित समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व और अन्य क्षेत्रों में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार को ठोस और समयबद्ध कदम उठाने की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने UGC नियम 2026 को प्रभावी रूप से लागू करने, मंडल कमीशन की शेष 38 सिफारिशों को लागू करने और निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई। इसके साथ ही OBC के पृथक कॉलम के साथ जातीय जनगणना कराने, EWS आरक्षण की समीक्षा कर उसे समाप्त करने तथा दलितों, आदिवासियों एवं अन्य वंचित वर्गों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
संदीप वाल्मीकि ने कहा कि सामाजिक न्याय का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व और सम्मान के समान अवसर मिलेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किए जाने का अनुरोध किया।
प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में सैकड़ों की संख्या में युवा, महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
