सी2+50 प्रतिशत एमएसपी, कर्जमाफी, सूखा घोषित करने और नकली खाद पर रोक सहित उठाए कई मुद्दे..
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम अलग-अलग दो ज्ञापन एक साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनावर के माध्यम से सौंपे। ज्ञापन में केंद्र एवं राज्य सरकार से किसानों के हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई। महासंघ ने मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
*राज्य सरकार से 23 मांगें :*
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में नकली खाद एवं कीटनाशकों की जांच के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर प्रयोगशाला खोलने तथा खाद के प्रत्येक बैग पर बारकोड जारी करने की मांग की गई। महासंघ ने आरोप लगाया कि पोटाश में यूरिया की मिलावट से किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है।
कृषि उपज की संपूर्ण खरीदी एमएसपी पर करने, हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों को प्रति टावर 8 से 10 लाख रुपए मुआवजा देने तथा वर्ष 2017 की अवृष्टि से प्रभावित फसलों की लंबित 75 प्रतिशत मुआवजा राशि किसानों के खातों में जमा कराने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में किसानों को सिंचाई के लिए 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई।
कुक्षी क्षेत्र में नए ग्रिड निर्माण एवं अमलझुमा ग्रिड की स्वीकृति शीघ्र करने, डिफाल्टर किसानों की भूमि कुर्की और मनमानी वसूली पर रोक लगाने तथा कर्जमाफी के कारण डिफाल्टर हुए किसानों को राहत देकर नियमित करने की मांग भी शामिल रही।
महासंघ ने धार जिले में अल्पवर्षा को देखते हुए तत्काल सूखा घोषित करने, ओंकारेश्वर नहर से पानी छोड़ने, शहीद चंद्रशेखर डेम की नहर की सफाई एवं अधूरे हिस्से का निर्माण कराने तथा बरखेड़ा डेम का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाने की मांग की।
किसानों के कुओं पर लगाए गए स्मार्ट मीटर एवं थ्री-फेज कनेक्शन निरस्त कर पूर्व की फ्लैट रेट व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत विभिन्न ग्रामीण मार्गों का निर्माण एवं चौड़ीकरण, खेतों तक हाइवे की तर्ज पर पक्की सड़कें, फसल सुरक्षा के लिए खेतों में बाउंड्रीवॉल योजना, चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई, लिफ्ट इरिगेशन पाइपलाइन के लिए चार गुना मुआवजा, जवाहर नवोदय विद्यालय को स्वीकृति के अनुसार मनावर में ही स्थापित करने तथा मंडी के बाहर कृषि उपज बेचने पर आरटीजीएस भुगतान संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की गई।
*केंद्र सरकार से भी उठाईं 11 मांगें :*
प्रधानमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी2+50 प्रतिशत फार्मूला लागू करने और एमएसपी गारंटी कानून बनाने की प्रमुख मांग रखी गई। महासंघ ने कहा कि किसानों की संपूर्ण उपज की एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित की जाए। सीसीआई के माध्यम से कपास खरीदी शीघ्र शुरू करने और रेशे के आधार पर खरीदी करने की मांग भी की गई।
महासंघ ने कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने तथा अति आवश्यक होने पर बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने, किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर दो दिन किसानों की समस्याओं पर चर्चा कराने की मांग की।
ज्ञापन में नकली खाद पर रोक, लिफ्ट इरिगेशन पाइपलाइन के लिए चार गुना मुआवजा और भावांतर योजना के बजाय संपूर्ण फसल की एमएसपी पर खरीदी की मांग भी दोहराई गई। साथ ही महासंघ ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
इस अवसर पर मंडी से sdm कार्यालय तक रैली निकाली गई। भारी तादाद में किसान मजदूर वाहनों के साथ सम्मिलित हुए। महासंघ के रमेशचंद्र पाटीदार, रामदास पाटीदार, रामेश्वर हवेलीवाला, तुलसीराम गंगाजी, शांतिलाल मुकाती, महादेव पटेल सहित महासंघ के मालवा निमाड़ क्षेत्र के पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महासंघ ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और अन्नदाता है। लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान नहीं होने पर संगठन किसानों के हित में आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
