पयागपुर विधानसभा 2027: सवर्ण मतदाताओं की भूमिका पर सबकी नजर!
क्या इस बार सवर्ण राजनीति का समीकरण बदलेगा?
पयागपुर की सियासत में सवर्ण मतदाताओं की भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। खासकर ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या और राजनीतिक भागीदारी को लेकर कई तरह के आकलन सामने आते रहे हैं।
📊 पिछले चुनावों का गणित देखिए:
🔹 2017 में सुभाष त्रिपाठी (भाजपा) – 1,02,254 वोट
🔹 2017 में मुकेश श्रीवास्तव (सपा) – 60,713 वोट
🔹 जीत का अंतर – 41,541 वोट
2022 में मुकाबले की तस्वीर बदली:
🔹 सुभाष त्रिपाठी (भाजपा) – 1,10,162 वोट
🔹 मुकेश श्रीवास्तव (सपा) – 98,106 वोट
🔹 जीत का अंतर – सिर्फ 12,056 वोट।
यानी पांच साल में दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 29,485 वोट कम हो गया।
अब 2027 में पयागपुर की राजनीति में सवर्ण मतदाताओं की भूमिका, स्थानीय मुद्दे, प्रत्याशियों का रिकॉर्ड और क्षेत्र के विकास पर होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुभाष त्रिपाठी और मुकेश श्रीवास्तव के बीच आगामी चुनावी मुकाबले में सवर्ण समाज की राजनीतिक प्राथमिकताएं किन मुद्दों के इर्द-गिर्द रहेंगी?
क्या इस बार भी पुराने राजनीतिक समीकरण चर्चा में रहेंगे या नए मुद्दे और नए चेहरे पयागपुर की सियासत को नया मोड़ देंगे?
| पयागपुर की सियासत का विश्लेषण
शिवम् कश्यप रिपोर्टर बहराइच पयागपुर
