मंगल पर्व दीपावली: गाय, बछड़ा और कृतज्ञता का उत्सव, दीपावली की शुभकामनाएं शुभ दीपावली 🙏
🪔 मंगल पर्व दीपावली: गाय, बछड़ा और कृतज्ञता का उत्सव 🪔
विशेष – श्री. काशिनाथ देसले
(जिला प्रतिनिधि – ठाणे, नीड 24 न्यूज महाराष्ट्र, निवासी सरलगांव, तहसील मुरबाड)
हिंदू संस्कृति का सबसे बड़ा, प्रकाश और मांगल्य का उत्सव यानी दीपावली।
आश्विन कृष्ण द्वादशी को यानी वसुबारस (गोवत्स द्वादशी) के अत्यंत पवित्र त्योहार से इस दीपोत्सव की शुरुआत होती है। हमारी कृषि प्रधान संस्कृति में गाय और बछड़े का स्थान पूजनीय है।
दिवाली के इस पहले ही दिन गोधन की पूजा करके हम प्रकृति और मूक पशुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हमारे यहाँ शाम को दीये की पूजा करते समय एक पारंपरिक और अत्यंत सुंदर स्तोत्र गाया जाता है।
वसुबारस और दीपावली के इस मंगल अवसर पर इस स्तोत्र और प्रार्थना का पूरा भावार्थ समझना अधिक प्रासंगिक होगा। 🌟 दीपज्योति स्तोत्र और उसका संपूर्ण भावार्थ
"शुभंकरोती कल्याणम आरोग्यम धनसंपदाम्।
शत्रुबुद्धी विनाशाय दिपज्योती नमोस्तुते॥"
• भावार्थ: संसार का कल्याण करने वाले, सभी को उत्तम स्वास्थ्य और धन-संपत्ति (सच्चा ऐश्वर्य) देने वाले तथा मानव मन के बुरे विचार, अज्ञान और 'शत्रुबुद्धि' को नष्ट करने वाले इस पवित्र ज्ञानरूपी प्रकाश (दीपक) को मेरा कोटि-कोटि नमन है। "दिव्या दिव्या दिपत्कार कानी कुंडल मोतिहार, तीळाच तेल कापसाची वात, दिवा जळो सारीरात।
दिवा तेवें देवापाशी उजेड पडे विष्णू पाशी॥"
• भावार्थ: यह जलता हुआ दीया अत्यंत सुंदर दिख रहा है, मानो उसने कानों में कुंडल और गले में मोतियों का हार पहना हो। तिल के तेल और कपास (रुई) की पवित्र बत्ती से जलाया गया यह ज्ञानरूपी दीपक पूरी रात जलता रहे।
भगवान के पास जल रहे इस दीये का पावन प्रकाश सीधे भगवान विष्णु के चरणों तक पहुँच रहा है। यह प्रकाश हमारे घर और मन के अंधेरे को दूर करे।
🐮 33 करोड़ देवताओं को नमन
"माषा नमस्कार ३३ कोटी सर्वत्र देवापाशी"
• भावार्थ: हिंदू धर्मशास्त्र के अनुसार, गाय के पवित्र शरीर में 33 करोड़ (यानी 33 प्रकार के) देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसीलिए, वसुबारस को गाय और बछड़े की पूजा करके चराचर और पूरे ब्रह्मांड में व्याप्त इन सभी देवताओं को हम पूरे मन से नमन करते हैं।
🏡 घर के लिए सुख-समृद्धि की प्रार्थना
"घरातील पीडा बाहेर जाओ, बाहेरील लक्ष्मी घरात येवो, घरच्या सर्वांना उदंड आयुष्य लाभो."
• भावार्थ: इस उत्सव के अवसर पर यही प्रार्थना है कि हमारे घर के सभी दुःख, दरिद्रता, बीमारी और कष्ट (नकारात्मकता) हमेशा के लिए बाहर चले जाएं। घर के बाहर मौजूद सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य, शांति और वैभव (लक्ष्मी माता) हमारे घर में आएं।
साथ ही, परिवार के छोटे-बड़े सभी सदस्यों को उत्तम स्वास्थ्य मिले और वे लंबी (दीर्घ) आयु प्राप्त करें। यह दीपावली आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, ऐश्वर्य और अपार खुशियाँ लेकर आए।
नए विचारों का यह प्रकाश हमारे पूरे ठाणे जिले और महाराष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जाए, यही ईश्वर के चरणों में प्रार्थना है! आपको और आपके पूरे परिवार को गोवत्स द्वादशी (वसुबारस) और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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🙏- शुभेच्छुक -🙏
श्री. काशिनाथ देसले
जिला प्रतिनिधि – ठाणे, ग्लोबल न्यूज महाराष्ट्र, तहसील प्रतिनिधि किशोर पवार मुरबाड।
(निवासी सरलगांव, तहसील मुरबाड)
दिनांक: 06/11/2026
